मारगांव ग्राम पंचायत पांच सालों तक बना रहा लूटपाट का अखाड़ा

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प्रशासन की आंखे खुली तब तक भरतपुर लूट चुका ……….

सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने जम कर लूटी शासन की राशि

गबन के आरोप सिद्ध आरोपियों के खिलाफ कानूनी मामलों दर्ज करा कर वसूली की कार्यवाही जरूरी

 

जनपथ टुडे, डिंडोरी, 4 नवम्बर 2020, कल ग्राम पंचायत मारगांव, जनपद पंचायत समनापुर के ग्रामीणों के दो गुट अलग अलग सड़कों पर आ गए और इनमें से एक गुट के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट में शोर शराबा ही नहीं किया बल्कि भाजपा जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत व पूर्व मंत्री और डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम के सामने बदसलूकी भी की जिसका विडियो शोसल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ये लोग ग्राम के सरपंच पति रमेश मार्को के समर्थक बताए जाते है। इन लोगों के द्वारा पूर्व में भी जिले के अधिकारियों और कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं के घर पर उनके परिजनों और स्टाफ के साथ अभद्रता किए जाने की चर्चा रही है। ये लोग कई दिनों से ग्राम रोजगार सहायक श्रवण कुमार गौतम के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर सक्रिय थे जिनका नेतृत्व जगनमोहन ठाकुर नाम का एक व्यक्ति कर रहा था जो की बीसी का कार्य करता है और उसके खिलाफ हितग्राहियों की राशि निकाल के डकारने की चर्चा है साथ ही विद्युत विभाग द्वारा उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला समनापुर थाने में दर्ज बताया जाता है।

3 नवम्बर 2020 को सरपंच और रोजगार सहायक को हटाने का हुआ खुलासा

कल ग्रामीणों द्वारा सरपंच और सचिव के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए की गई शिकायत पर कार्यवाही न होने के चलते चक्का जाम किया गया जिस पर एसडीएम ने सरपंच को 2 दिन में पद से पृथक करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया इस संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत द्वारा सरपंच के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई हेतु प्रस्ताव जिला पंचायत को भेज दिया गया है।

ग्रामवासियों के हंगामों के चलते हुए कार्यवाही

प्राप्त जानकारी के अनुसार रोजगार सहायक श्रवण कुमार गौतम के खिलाफ लगे आरोपों की जांच हेतु जून में जांच समिति गठित की गई थी जिसमें उन पर आरोप सिद्ध पाए गए थे रोजगार सहायक को दिए गए कारण बताओ नोटिस में उनके द्वारा दिए गए जवाब को संतोषजनक नहीं पाया गया था। साथ ही 29 मार्च 2020 को इस जांच समिति के गठन के पूर्व ही डिंडोरी कोतवाली में रोजगार सहायक समूह कुमार गौतम के विरुद्ध धोखाधड़ी और बैंक से अनाधिकृत तरीके से पैसा आहरन किए जाने का प्रकरण भी दर्ज करवाए जाने की जानकारी प्राप्त होती है। जिससे साबित होता है कि रोजगार सहायक पर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप तथा उनके प्रमाण पंचायत विभाग को बहुत पहले मिल चुके थे उसके बाद भी उसको उन्हें पद से हटाए जाने में लगभग 4 महीने का समय लगा जो अपने आप में सवाल खड़े करता है। भ्रष्टाचार के प्रकरणों में तीव्रता से कार्यवाही करने की बजाय प्रशासनिक स्तर पर की जा रही हीलाहवाली के चलते जिले में पंचायती राज भ्रष्टाचार का शिकार हो चुका है। सरपंच पर लगे आरोपों की जांच में भी सरपंच दोषी पाई गई थी किंतु इसके बाद भी दोनों पक्षों के विरुद्ध कार्यवाही को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगातार कार्यवाही हेतु दबाव बनाया जाता रहा। इस पूरे मामले में ग्रामवासी दो गुटों में दिखाई दिए दोनों ही कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले लगभग 2 माह से जिला मुख्यालय में हंगामा करते रहे, जिन पर कल कार्यवाही होने की जानकारी प्राप्त हो सकी है।

सरपंच पति और सचिव भी है आरोप

इस पूरे मामले में पंचायत सचिव की भूमिका भी अभी कार्यवाही के इंतजार में है वही मारगांव सरपंच पति के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगे हैं। जिसमें उनके नाम से बोगस बिलों का भुगतान, सरपंच पति द्वारा इतवारी मरावी के नाम पर बनाई गई कथित फर्म और उसके नाम से करोड़ों रुपए के भुगतान होने का मामला भी है जिसकी शिकायत फर्म के संचालक द्वारा की गई है तथा उसके द्वारा रमेश मार्को पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं। किंतु अभी इसकी जांच के परिणाम और कार्यवाही लंबित है। वहीं उक्त व्यक्ति पर शासकीय सेवा में होते हुए भी फर्जी फर्म के माध्यम से कारोबार किए जाने के आरोप भी लग रहे है और इन पर विगत पांच वर्षों में पंचायत के लाखों रुपए हड़पने की चर्चा है किंतु राजनीतिक संरक्षण के चलते इनके खिलाफ शिकायतों पर कार्यवाही नहीं किए जाने की चर्चा है।

रोजगार सहायक द्वारा किए गए घोटाले की जांच हो चुकी है जाहिर है कि शासन की राशि खुलेआम लूटती रही और विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। पद से हटा दिए जाने के बाद पंचायत की शासकीय राशि की वसूली व गबन करने के चलते आपराधिक मामले दर्ज करवाया जाना चाहिए। पंचायत में व्याप्त गुटबाजी और भ्रष्टाचार के चलते विकास कार्यों की आहुति चढ़ गई, ग्रामीणों के हक की राशि कथित लोग हड़प गए और अब ऐसे लोगों के विरुद्ध लगे आरोप सिद्ध होने के बाद भी देर से कार्यवाही किए जाने और आधी अधूरी कार्रवाई की चर्चा पूरे जिले में व्याप्त है। वहीं कार्यवाही में हुई इस देरी के चलते दोनों गुटों के लोगों ने ग्रामवासियों को अपना अपना मोहरा बनाकर आपस में फुट डालने और विवाद करने के भी सारे हथकंडे अपनाए जिसके चलते ग्राम में तनाव की स्थिति है और प्रशासन की कार्यवाही के बाद भी इससे जुड़े मसले थमने वाले नहीं है

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