
लगने लगे दाॅव, सजने लगे जुआ फड़
त्यौहार पर जीत हार का बाजार हुआ गुलजार
जनपथ टुडे,डिंडोरी, धन देवी पर्व पर दांव की दुकानें सजने लगी है। सीधी भाषा में कहा जाए तो जुआ फड़ पर खिलाड़ियों ने आमद देनी शुरू कर दी है। इनमें आदतन जुआड़ी भी शामिल है और नौसिखिया भी भाग्य अजमाने के लिए 52 पत्तों की किताब को पढ़ने में रुचि ले रहे हैं। दांव के बीच अंदर-बाहर पर नजर जमाए खिलाड़ी भाग्य पलटने पर खुशी और गुस्से का भी इजहार कर रहे हैं। बीते दिनों आईपीएल से फ्री हुए सटोरियों ने भी जुए की फड़ संचालन पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
इन फड़ो के संचालन पर ‘हर्रा लगे न फिटकरी रंग भी चोखा’ की तर्ज पर प्रति दांव कमीशन वसूली होती है, लिहाजा बड़े पैमाने पर संगठित गिरोह सक्रिय हो चुका है। इनमें खिलाड़ियों को तलाशने, अड्डे तक खिलाड़ियों को गुप्त रूप से पहुंचाने, अड्डे की पहरेदारी, नजरबंदी और दांव पर पैसा वसूलने की जिम्मेदारी इसी गिरोह के सदस्य करते हैं। पुलिस की आंखों में धूल झोंककर शाहपुरा, विक्रमपुर, शाहपुर, जिला मुख्यालय गाड़ासरई, सक्का, बजाग, करंजिया आदि स्थानों पर खेल को अंजाम दिया जाने लगा है।
सूत्रों की मानें तो शाहपुर थाना क्षेत्र के जंगल में दांव लगते हैं इसकी भनक पुलिस को भी लग चुकी है वहीं कोतवाली थाना क्षेत्र में बाईपास, छांटा, कूड़ा सहित आसपास के कई ग्रामीण ठिकानों पर व शहर के भीतरी हिस्सों में 52 पन्नों की किताब पर लाखों का खेल जारी है।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में कई रसूखदार व्यक्ति, शासकीय सेवक और जाने पहचाने राजनैतिक व्यक्तियों को भी पुलिस ने इन अड्डों पर दबोचा है। उन दिनों जुए की फड़ रोशन है और इन पर त्यौहार पर बतौर रस्म खेलने वाले, आदतन जुआड़ी और शौकीन लोग अपना हाथ आजमाने पहुंच रहे है वहीं कुछ लोग इन फड़ो पर दिन रात मोटी रकम जीतने की मशक्कत में “फांक” होते जा रहे है।
कई नामी गिरामी लोगों को पुलिस द्वारा पहले भी पकड़ा जा चुका है। इन अड्डों पर छापा मारे जाने के बाद कई सारे लोग अपनी प्रतिष्ठा बचाने राजनीतिक दबाव और दबदबे का प्रयोग पुलिस पर भी करते है हालाकि इस छोटे से जिले में पुलिस कार्यवाही होते ही सबके चेहरे और नाम उजागर हो जाते है, फिर भी कई कथित प्रतिष्ठित जुआड़ी दांव की दुकान पर पकड़ाने के बाद खुद की इज्जत बचाने पुलिस के सामने उठक बैठक लगाते और मुर्गा बनते देखे जाते रहे है।
त्यौहार पर जुए की रस्म अदायगी के साथ बड़े कारोबार का रूप लेते जा रहे जुए के अड्डे पुलिस के लिए चुनौती जरूर बन रहे है अब इनके खिलाफ किस थाना क्षेत्र में कितनी कार्यवाही हो पाती है और ‘चोर पुलिस’ के इस खेल में इस बात बाजी किसके हाथ आती है यह आने वाला समय ही बताएगा!