
धोखाधड़ी के आरोप में शाहपुरा के जन शिक्षक हेमंत तिवारी निलंबित, पुलिस की विवेचना नहीं हो सकी पूरी
जनपथ टुडे, डिंडोरी, 3 दिसंबर 2020, विगत दिनों शहपुरा क्षेत्र में लगभग दर्जन भर युवकों के द्वारा जन शिक्षक हेमंत तिवारी के विरुद्ध नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की शिकायतें शाहपुरा थाने में दर्ज करवाई गई थी। जिस पर पुलिस द्वारा लंबे समय से विवेचना किए जाने की बात कही जाती रही है वहीं कुछ दिनों पूर्व मीडिया पर एक युवक द्वारा उक्त आरोपी शिक्षक ने उसके 75 हजार रुपए वापस करने और शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को शिकायत वापस लेने आवेदन दिए जाने का वीडियो भी वायरल किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ जांच प्रतिवेदन के आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, इस दौरान उक्त शिक्षक को उत्कृष्ट विद्यालय शाहपुरा में अटैच किया गया है साथ ही उन्हें इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता लेने की पात्रता होगी।
शाहपुरा पुलिस ने नहीं दिखाई रुचि??
उक्त प्रकरण अत्यंत गंभीर है क्योंकि एक शासकीय कर्मचारी द्वारा खुलेआम अपने पद पर रहते हुए जालसाजी और धोखाधड़ी की गई और दर्जनों बेरोजगार, आदिवासी युवकों से लाखों रुपए झांसा देकर हड़पे गए हैं। शाहपुरा थाने में मामले की शिकायत होने के बाद मीडिया में खबरें सार्वजनिक होने पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच करवाई गई और जांच प्रतिवेदन के आधार पर उक्त शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जबकि पुलिस की विवेचना अभी भी जारी बताई जा रही है। मामले के संबंध में जानकारी मांगने पर हमारे प्रतिनिधि से ही शहपुरा थाना प्रभारी श्री अखिलेश दहिया ने सवाल कर दिया – क्या बात है इस मामले में रुचि बढ़ी ले रहे हो? पुलिस द्वारा बेरोजगारों से ठगी के मामले में की जा रही विवेचना पर तब और सवाल खड़े होते हैं जब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया जाता है और प्राप्त प्रमाण और आरोपों के आधार पर जन शिक्षक निलंबित कर दिया गया है और पुलिस विवेचना पूरी कर आरोपी के विरूद्ध मामला पंजीकृत नहीं कर पाई है।