
सावन में सूखा पड़ा सुबखार
4 दिन से पेयजल संकट झेल रहे हैं दो वार्डो के निवासी
नगर परिषद की लापरवाही का खमियाजा भुगत रहे लोग
जनपथ टुडे, डिंडोरी, 30 जुलाई 2021, लगभग एक सप्ताह से जिला बरसात से सराबोर है। पूरे जिले में सावन की झड़ी लगी हुई है प्रकृति की मेहरबानी से खूबसूरत सावन की झड़ी के बीच अव्यवस्था और लापरवाही के चलते जिला मुख्यालय के नर्मदा के तट पर स्थित वार्ड क्रमांक 1 और वार्ड क्रमांक 2 सूखे पड़े है। नगर परिषद की पेयजल व्यवस्था चौपट हो गई है और इन दोनों वार्डो के रहवासी पीने के पानी के लिए हलकान है। लगातार जारी बारिश के कारण कुओ व हैंडपंपों से पानी लाने में भी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सावन में सूखे पड़े सुबखार के निवासी पीने के पानी के लिए भरी बरसात में भटक रहे हैं। जिसको लेकर के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों अधिकारियों कर्मचारियों के पास जवाब तो कई हैं समस्या का निदान करने में परिषद पूरी तरह अक्षम साबित हो रही है जो परिषद की कार्यक्षमता पर बड़ा सवाल है।
इस जल संकट को लेकर बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक 2 जलाराम पैट्रोल पंप से लगभग 200 मीटर की दूरी में पाइपलाइन टूट जाने से इस क्षेत्र में पानी की सप्लाई बंद हो गई है। नगर परिषद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन वार्डो में पीने के पानी के टैंकर भेजे जाने की बात कह रही है किन्तु वार्डवासियों के अनुसार क्षेत्र के लिहाज से पर्याप्त व्यवस्था पानी की नहीं की जा रही है।
मुख्य रूप से नलजल व्यवस्था देखने वाले प्लम्बर प्रमोद सोनी ने बताया कि सिद्धार्थ शुक्ला एडवोकेट के घर के पास पाइप लाइन के जॉइंट खुल जाने के कारण वार्ड में पानी सप्लाई बंद हो गई है। जिसे जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा। कल से मैकेनिक बाहर से आए हैं और आवश्यक सामग्री भी बाहर से ही लाना होगी। पानी लगातार गिरने के कारण भी काम प्रभावित हो रहा हैं।
क्षेत्रवासियों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कोई अता पता नहीं है, और लोग परेशान है न तो नल से पानी मिल रहा है न ही टैंकरों की उचित व्यवस्था हो पा रही है।
सूत्रों के अनुसार विगत वर्ष हुए पानी सप्लाई व पाइपलाइन के कार्य में मेंटेनेंस का पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की थी। किन्तु कार्य में लापरवाही और सही तरीके से मेंटिनेंस न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उक्त कार्य नागपुर के ठेकेदार द्वारा किया गया था? उस समय स्थानीय अमले ने भी कार्य को लेकर सतर्कता नहीं बरती अब स्थानीय स्तर से समस्या ठीक करने की कोशिश हो रही है।