
अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश महामंत्री बने पंकज सिंह तेकाम, शशिकांत शुक्ला पार्टी प्रवक्ता
भाजपा महिला मोर्चा, एससी मोर्चा, प्रवक्ता व सह मीडिया प्रभारी की नियुक्ति में जिले का पत्ता साफ
जनपथ टुडे, डिंडोरी 16 अगस्त 2021, भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रदेश स्तर पर विगत दिनों में विभिन्न मोर्चा के अध्यक्षों के द्वारा अपनी कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। जिसमें अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कार्यकारिणी में पंकज सिंह तेकाम, अध्यक्ष नगर परिषद डिंडोरी को प्रदेश महामंत्री के पद से नवाजा गया है। जबकि महिला मोर्चा, एससी मोर्चा, प्रवक्ता व सह मीडिया प्रभारियों की नियुक्ति में जिले के कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिल पाया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश भाजपा कार्यालय द्वारा नियुक प्रवक्ताओं में जबलपुर से शशिकांत शुक्ला को पार्टी प्रवक्ता बनाया गया है जो कि मूल रूप से डिंडोरी जिले के शाहपुर के निवासी हैं। जिसके चलते आंशिक रूप से माना जा सकता है कि विगत दिनों प्रदेश स्तर पर भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणीयो के गठन में जिले के दो युवा नेताओं को मौका दिया गया है। वास्तव में तो जिले से सिर्फ पंकज सिंह तेकाम को ही प्रदेश संगठन की कार्यकारिणी में मौका दिया गया है।
बीजेपी महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया ने कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए 24 पदाधिकारी अपनी कार्यकारिणी में शामिल किए हैं। जिसमें शहडोल सांसद हिमाद्रि सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है। महिला मोर्चा की कार्यकारिणी में 7 उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। किंतु जिले की किसी भी महिला नेत्री को प्रदेश महिला मोर्चा की कार्यकारिणी में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पाया है।
एससी मोर्चा के अध्यक्ष कैलाश जाटव ने मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी विगत दिनों घोषित की जिसमे 7 उपाध्यक्ष, 7 प्रदेश मंत्री सहित 87 कार्य समिति सदस्य नियुक्त किए गए है। इसमें भी जिले के किसी कार्यकर्ता को मौका नहीं मिल पाया।
बिना गाडफादर आगे बढ़ते शशिकांत शुक्ला
प्रदेश भाजपा द्वारा नियुक्त किए गए प्रवक्ताओं और मीडिया सह प्रभारियों की सूची में 3 सांसद, 2 सीनियर विधायक व पूर्व मंत्री सहित सिंधिया खेमे से पंकज चतुर्वेदी को प्रवक्ता बनाया गया है। वहीं जबलपुर से शशिकांत शुक्ला को भी उनकी योग्यता क्षमता और विशेष वाकपटुता के चलते पार्टी द्वारा प्रवक्ता नियुक्त किया गया। गौरतलब है कि मूल रूप से डिंडोरी जिले के शाहपुर के निवासी शशिकांत शुक्ला की शिक्षा दीक्षा जबलपुर और ग्वालियर शहर में संपन्न हुई और वह छात्र राजनीति के दौर से ही अपनी विशेष शैली के चलते भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रदेश भर में पार्टी की विचारधारा और पार्टी की नीतियों का प्रचार करते रहे है। लगभग 25 वर्षों से भाजपा के विभिन्न मंचो पर सक्रिय रहने वाले शशिकांत शुक्ला को पार्टी द्वारा दिग्गज नेताओं के साथ पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है जो की उनकी विशेष क्षमताओं का प्रतिफल है, माना जाता है कि डिंडोरी जिले के रहने वाले शशिकांत शुक्ला भाजपा के बड़े मंचो पर भी महफ़िल लूटने की क्षमता रखते है और उनकी इसी क्षमता के चलते उन्हें बड़े दिग्गजों के बीच प्रवक्ता नियुक्त किया गया है जबकि राजनीति में किसी बड़े नेता के आशीर्वाद प्राप्त कभी नहीं रहे। यह डिंडोरी जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि कहीं जा सकती है।
वही अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भावर ने 26 सदस्यी कार्यकारिणी की घोषणा की इसमें सात उपाध्यक्ष दो प्रदेश महामंत्री और सात प्रदेश मंत्री नियुक्त किए गए हैं। जिसमें प्रदेश महामंत्री के तौर पर डिंडोरी जिले की युवा नेता पंकज सिंह तेकाम को नियुक्त किया गया है, जो वर्तमान में नगर परिषद अध्यक्ष के पद पर हैं। शशिकांत शुक्ला और पंकज सिंह तेकाम को प्रदेश स्तर पर मौका दिए जाने से कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त है। वही महिला मोर्चा एससी मोर्चा प्रवक्ता और सह मीडिया प्रभारियों की सूची में जिले के कार्यकर्ताओं का पत्ता कट रहा।
जिसके चलते जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी है और भीतर ही भीतर यह बात उठ रही है कि आगे आने वाले समय में घोषित होने वाली कार्यकारणी और समितियों में जिले के कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाना चाहिए।
मण्डल – निगम में कभी नहीं मिला मौका, अब चाहिए अवसर
जिले के आदिवासी नेताओं को केंद्र और प्रदेश में मंत्री बनने का अवसर मिलता रहा है। इस अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल की सरकार में मंत्री मण्डल में स्थान मिलता रहा है। किंतु इसके अतिरिक्त अब तक किसी भी दल की सरकार में जिले के किसी नेता को मंडल और निगम की नियुक्ति में मौका नहीं मिला है। यहां तक कि निगम मण्डल की कार्यकारिणी में भी जिले के कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं दिया गया है। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और पार्टी कार्यकर्ताओं कि अपेक्षा है कि आजादी के इतने साल बाद लगातार भाजपा की चौथी बार बनी सरकार ने अब तो जिले के किसी नेता को मंडल निगम में मौका देकर राज्य मंत्री के दर्जे से नवाजा जाए ।जैसा कि अब तक होता रहा है कि महानगरों के सक्षम कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द घूमने वाले लोगों को ही मंडल निगम में नियुक्ति मिलती रही है। किंतु अब जिले में भी निगम मंडल की नियुक्ति में जिले के कार्यकर्ताओं को मौका दिए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। वर्तमान में जिले की दोनों विधानसभा सीट पर कांग्रेस के विधायक है जिससे प्रदेश मंत्रिमंडल में जिले की हिस्सेदारी नहीं है ऐसे में जिले के किसी कार्यकर्ता को मण्डल निगम के माध्यम से राज्यमंत्री का दर्जा देकर क्षेत्रीय समन्वय भी बनाया जा सकता है। भाजपा में विरोध में परम्परा नहीं है पर नाराजगी को नहीं नहीं नकारा जा सकता है और जिले के कार्यकर्ताओं में प्रदेश स्तर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं मिलने से नाराजगी तो अवश्य है और इसे प्रदेश संगठन को आगे गंभीरता से लेना चाहिए।