पर्यूषण पर्व” में निर्जला उपवास तप,हुआ पारणा

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जनपथ टुडे, करंजिया, 20 सितंबर 2021, दिगंबर जैन धर्मानुसार भादों मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी के दिन से शुरू हुए पर्यूषण पर्व में दसलक्षण व्रत का विशेष महत्व होता है। जिसमें 10 दिनों तक श्रावक अपनी अपनी यथाशक्ति अनुसार व्रत/उपवास रख तप करते हैं । दशलक्षण के दस रूप उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम सत्य, उत्तम शौच, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की भावना भाकर 10 दिन तपस्या की जाती है।

करंजिया निवासी अभिनंदन जैन पिता स्व. राजेंद्र कुमार जैन 46 वर्ष के द्वारा पर्यूषण पर्व में 10 दिनों तक बिना जल लिए निर्जला उपवास का संकल्प लिया गया। जिसे उन्होंने निर्विघ्न संपूर्ण किया दसलक्षण धर्म में त्याग का बड़ा तप है। वहीं उनकी माता श्रीमती शशि जैन के द्वारा 10 दिनों तक मौन उपवास रखकर साधना की भाद्रपद शुक्ल की पूर्णिमा के दिन निर्जल व्रत संपन्न होने पर परिवार जनों, रिश्तेदारों एवं समाज के द्वारा जल पिलाकर पारणा कराई गई ।

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