
अवैध खाद भंडारण और बिक्री की जांच में गड़बड़ी की आशंका
महँगे दामों पर यूरिया बिक्री की जांच हेतु पहुंची थी टीम
जनपथ टुडे, डिंडौरी, 20 सितंबर 2021, जिले के किसान लंबे समय से यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं, वही बिचौलियों के द्वारा मंडला बस स्टैंड स्थित गोदाम से भारी मात्रा में यूरिया खाद ले जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में महंगे दामों पर विक्रय किए जाने की चर्चा हैं। इसी बाबद विगत दिनों जांच के लिए पहुंची राजस्व की टीम पर उचित पड़ताल नही करने के आरोप लोग लगा रहे है।
जानकारी के मुताबिक यूरिया के लिए हप्तों तक चक्कर काटने वाले किसान चन्द्रसिंह एवं शोभाराम ठाकुर,भोलेराम, ने बताया कि वह लोग खाद के लिए 7-8 दिनों से गोदाम का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें एक बोरी खाद नही मिली है। वही कुछ लोग प्रतिदिन गोदाम से पिकअप वाहन से बड़ी मात्रा में यूरिया खाद ले जा रहे हैं। किसानों ने बताया कि बिचौलिये गोदाम प्रभारी के कक्ष में घण्टो तक बैठे रहते हैं उन्हें भारी मात्रा में खाद दी जाती है। वही लाइन में लगे किसानो को शाम तक भटकाने के बाद भगा दिया जाता है। इस बाबद शिकायत मिलने पर
नायब तहसीलदार समनापुर के मौखिक निर्देश पर हल्का पटवारी रंजीत मरावी एवं राजस्व निरीक्षक सुनील गुप्ता के द्वारा मानिकपुर में रोहित किराना दुकान में निरीक्षण किया गया। लेकिन जांच अधिकारी जाँच के नाम पर मामले को रफादफा करने में लगे रहें। राजस्व अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण के दौरान पंचनामा बनाया गया जिसमें उल्लेख है कि कृष्ण कुमार राजपूत के द्वारा बताया गया कि 17 सितंबर को 38 बोरी खाद लाई गई थी जो रोहित की दुकान में 20 बोरी खाद उतरवाकर रखी गई थी। किन्तु जांच अधिकारियों को खाद की बोरी नही मिली है।
खाद गोदाम से प्राप्त जानकारी के अनुसार मानिकपुर के रघुबीर को 10 बोरी, रामशरण को 8 बोरी, कृष्ण कुमार को 10 बोरी, चंद्रभान के नाम पर पंजी में दर्ज हैं। वही गोदाम प्रभारी आम लोगों को एक व्यक्ति को सिर्फ 2 बोरी दिए जाने की बात कहते है और आम तौर पर किसानों को दो बोरी खाद ही दी जाती है। वही पंचनामा में 19 किसानों का उल्लेख किया गया जबकि गोदाम से जारी बिल में 4 लोगों को 38 बोरी खाद दी गई है। इस तरह से गोदाम प्रभारी के द्वारा गड़बड़ी किए जाने की आशंका व्याप्त है वहीं लोगों द्वारा राजस्व अमले द्वारा जांच के नाम पर हेरा फेरी किए जाने के भी आरोप लगाए जा रहे है। खाद के लिए लगातार परेशान हो रहे किसानों की जिला प्रशासन से मांग है कि विपड़न संघ के द्वारा खाद वितरण में की जा रही गड़बड़ियों को रोकने हेतु कार्यवाही की जावे ताकि सभी को समय पर खाद उपलब्ध हो सके