
माता शबरी जयंती एवं आदिवासी सम्मेलन की तैयारियां पूरी
आयोजन स्थल से सटे उत्कृष्ठ विद्यालय में छात्र देगे परीक्षाएं
डिंडोरी,जनपथ टुडे, रविवार 23 फरबरी 2020,
प्रदेश की सरकार बनने के लगभग एक साल बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पहली बार डिंडोरी आएंगे। लंबे अरसे में कमलनाथ का जुड़ाव डिंडोरी जिले से रहा हैं, जिले के कांग्रेसी नेताओं, आदिवासी जनप्रतिनिधियों के हमेशा से लोकप्रिय नेता रहे हैं कमलनाथ, परंतु विगत कुछ वर्षों श्री कमलनाथ जी का डिंडोरी प्रेम कुछ कम होता दिखा। मुख्यमंत्री बनने के पूर्व के भी कई वर्षों से उनका डिंडोरी आगमन नहीं हुआ है।
जिला मुख्यालय के बाहर होने वाली कुछ चुनावी सभाओं को छोड़ दें तो लंबे अरसे से कमलनाथ जी का आगमन डिंडोरी नहीं हुआ हैं। जिसके कारण 24 फरवरी को होने जा रहे शबरी जयंती के आयोजन में मुख्यमंत्री के आगमन से कांग्रेसीजन बेहद उत्साहित हैं। आज देर शाम तक उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं का आयोजन की मुख्य भूमिका संभाल रहे कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम के घर पर इंतजामों को लेकर भारी जमावड़ा देखा गया।
आयोजन स्थल पर सक्रिय रहे अफसर
आज देर शाम तक आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया और आयोजन स्थल पर जवाबदेह वरिष्ठ अधिकारी पूर्णतः सक्रिय नजर आए टेंट, कुर्सीया, साउंड, एंट्री गेट, फ्लेक्स पोस्टर से लेकर साज सज्जा लगभग पूर्ण हो चुकी है, यातायात को चुस्त-दुरुस्त रखने बड़ी संख्या में पुलिसबल भी सक्रिय हैं।सुरक्षा और सुविधाओं के लिए अधिकारी देर तक मोर्चा सम्हाले रहे।
उत्कृष्ट विद्यालय में वार्षिक परीक्षा आयोजित
डिंडोरी,मुख्यमंत्री के आगमन एवं माता शबरी जयंती आदिवासी सम्मेलन हेतु चयनित उत्कृष्ट ग्राउंड में तामझाम और व्यापक स्तर की तैयारियों के बीच सुबह से ही “हाई स्पीड” स्पीकर के बीच, आयोजन स्थल से सटे उत्कृष्ट विद्यालय में सुबह की पाली में कक्षा 9वीं व 11वीं की वार्षिक परीक्षाए और दूसरी पाली में कक्षा 10वीं व 12वीं के प्री बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित है। दोपहर 9वी व 11वी की प्रायोगिक परीक्षाएं भी बताई जा रही है, गौरतलब है कि टाइम टेबल प्रदेशस्तर से जारी होता है, इन पर इस आयोजन का क्या असर होगा ? इसको न प्रशासन ने गंभीरता से लिया, न ही जिले के जवाबदार जनप्रतिनिधियों को छात्रों के भविष्य की परवाह रही जबकि पुलिस ग्राउंड, कॉलेज ग्राउंड, बिरसा मुंडा स्टेडियम सहित कई स्थल उत्कृष्ट ग्राउंड से बेहतर साबित हो सकते थे, तब जब इस ग्राउंड को इसकी तंगहाली के चलते स्वतंत्रता दिवस और स्वाधीनता दिवस के आयोजनों के लिए भी नकारा जा चुका है और पिछले कई वर्षों से यहां ये वार्षिक आयोजन होना तक बंद कर दिए गए हैं। तब परीक्षाओं के समय किस सूझबूझ के चलते परीक्षार्थियों को भीड़भाड़ और शोरगुल का तोहफा सौंपा जा रहा हैं।
शिक्षा शिरोमणियों पर आयोजन की जवाबदारीया
परीक्षाओंके महत्व को पूरी तरह से नकारा जाना स्पष्ट दिखाई दे रहा हैं और परीक्षाओं को छोड़कर शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य, बीआरसी से लेकर चौकीदार तक को इस आयोजन की महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंप दी गई हैं। जबकि शालाओं में वार्षिक परीक्षाएं और प्री बोर्ड परीक्षाएं मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार संचालित हैं और इस दौर में ही शिक्षा विभाग के अमले की सबसे अधिक महत्ता होती हैं किंतु प्रशासन ने इस आयोजन की व्यवस्थाओं में सहायक संचालक, सभी बीईओ, बीआरसी और कई संस्थाओं के प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंप दी वहीं विकास खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षक, जन शिक्षक प्राचार्य, छात्रावास अधीक्षको से लेकर भृत्यो तक को आदेश जारी कर व्यवस्थाओं में लगा दिया।
माता शबरी जयंती का आयोजन, आदिवासी सम्मेलन सहित मुख्यमंत्री का आगमन महत्वपूर्ण आयोजन है इसको नकारा नहीं जा सकता किंतु छात्रों का भविष्य और परीक्षाओं पर गौर करते हुए विद्यार्थियों के आवागमन और शोर-शराबे को दृष्टिगत रखते हुए जिला मुख्यालय में ही किसी अन्य उपयुक्त स्थल का चयन भी किया जा सकता था??