
उत्कृष्ठ विद्यालय शहपुरा को “राजाराम हरिदीन गुप्ता” शासकीय विद्यालय के नाम से जाना जायेगा
जनपथ टुडे, डिंडोरी, 19 जनवरी 2022, प्राप्त जानकारी के अनुसार शहपुरा में संचालित हायर सेकेण्डरी विद्यालय, पूर्व में राजाराम हरीदीन गुप्ता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विघालय शहपुरा के नाम से शासकीय अभिलेखों एवं कोषालय (ट्रेजरी) में दर्ज है। इसका ऐतिहासिक महत्व रहा है, इसका निर्माण वर्ष 1954 में करवाया गया था एवं 27 अक्टूबर1956 में स्व.सेठ हरीदीन गुप्ता द्वारा पिता स्व. राजाराम गुप्ता की स्मृति में विद्यालय भवन शासन को सौंपा गया था। वही वर्ष 1964 में म.प्र. शासन के तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्व. शंकर दयाल शर्मा, पूर्व राष्ट्रपति द्वारा विद्यालय का नाम “राजाराम हरीदीन गुप्ता शाउमावि शहपुरा” घोषित किया गया था। उक्त विद्यालय का नाम पिछले कुछ वर्ष पूर्व स्थानीय राजनीति के चलते विद्यालय में नाम का नाम लिखना ही बंद कर दिया गया था। जबकि जिला कोषालय में आज उसी नाम से राशि का आहरण यानी खाते का संचालन किया जाता है।
मामले में विघालय का नाम पुनः जमीनदानदाता के नाम से करने से जुडा पत्र नप अध्यक्ष राजेश गुप्ता व्दारा कुछ माह पूर्व मंत्री आदिवासी विकास म.प्र. शासन, प्रमुख सचिव आदिवासी विभाग मप्र शासन सहित अन्य संबंधितों को लिखा गया था। जिसके बाद तमाम जांच व प्रक्रियाओं का पालन करने के पश्चात अवर सचिव जनजातीय कार्य विभाग भोपाल व्दारा 2 दिसंबर 2021 को पत्र जारी कर शासकीय उत्कृष्ट विघालय शहपुरा का नाम यथावत “राजाराम हरिदीन गुप्ता” शासकीय विद्यालय शहपुरा रखे जाने की स्वीकृति प्रदान किए जाने संबंधी पत्र जारी कर आयुक्त आदिवासी विकास और सहायक आयुक्त डिंडोरी को इस संदर्भ में सूचित किया गया है।
राजनीति का गिरता स्तर
शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे से जुड़े विषयों पर राजनीति करना केवल ओछी मानसिकता का प्रतीक है, इसका कोई सकारात्मक प्रभाव संभव नहीं है। पर इस तरह की कोशिशों से शिक्षा की गतिविधियों को बढ़ाने में सहयोग करने वालों के मनोबल, सम्मान और प्रतिष्ठा को नुक्सान जरूर पहुंचाती है। इस तरह की किसी भी गतिविधियों को सामाजिक रूप से सराहा तो नहीं जा सकता।