
अटल बिहारी बाजपेई की प्रतिमा का अनावरण और गद्दार पर तकरार
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री के तेवर के सामने बचते दिखा दूसरा खेमा
जिला पंचायत चुनाव की राख नहीं हुई ठंडी
जनपथ टुडे, डिण्डौरी, 27 अगस्त 2022, जिला भाजपा कार्यालय के बाजू में आयोजित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम BJP में आपसी खींचतान का गवाह साबित हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की हार के बाद से नाराज़ भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने कुछ लोगों को गद्दार कह कर संबोधित किया जिसके बाद कार्यक्रम में सन्नाटा सा छा गया और तमाम कार्यकर्ता किसी विवाद से बचते हुए शांत मुद्रा में दिखे। धुर्वे ने मंच से गद्दारों को कार्यक्रम से दूर रहने की चेतावनी भी जारी कर दी। जबकि यहाँ जिले भर से भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी पहुँचे थे और सभी ने भाजपा के पितृ पुरूष की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर उन्हें नमन कर कुंठित राजनीति से दूर रहने का संकल्प लिया था।
इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ने अनावरण कार्यक्रम में ही आगे आकर यह कह सनसनी मचा दी कि इस आयोजन से गद्दार दूर रहें। जिसके बाद अनावरण कार्यक्रम में कुछ मिनिट के लिये संकट के बादल छा गये।हुआ यूं कि फोटोशेसन में जिला पंचायत सदस्य डॉ CS भवेदी भी शामिल हो गये। जो राष्ट्रीय मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे को नागवार गुजरा और उन्होंने जिला सदस्य डॉ. CS भवेदी को गद्दार की उपमा दे, आयोजन से दूर रहने की नसीहत दे डाली। इस बीच माहौल तनावपूर्ण होते देख जिलाध्यक्ष ने मोर्चा सम्हाला और राष्ट्रीय मंत्री को मंच की ओर ले गये। इस बीच मंच के सामने दर्शक दीर्घा में बैठे कार्यकर्ताओं ने भी राष्ट्रीय मंत्री की तल्ख टिप्पणी का समर्थन कर गद्दारों को बाहर करने की बकालत शुरू कर दी। जैसे तैसे बागी गुट को शांत कर मंचीय कार्यक्रम का आगाज हुआ तो फिर से राष्ट्रीय मंत्री ने मंच से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मिली हार का जिक्र कर याद दिलाया कि प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान अटल बिहारी सरकार केवल एक वोट से विश्वासमत में हार गई थी। लेकिन उन्होंने सरकार बचाने के लिये किसी तरह के हथकण्डे नहीं अपनाये। इसके बाद उन्होंने गत दिनों संपन्न जिला पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा के छह सदस्यों के बावजूद हुई पराजय का जिक्र किया। राष्ट्रीय मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे के तेवर को देखकर दूसरा खेमा चुप नजर आया जिससे एक बड़ा विवाद होने से टल जरूर गया। पर इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा के भीतरी हालत जरूर सार्वजनिक हो रहे है जिसकी चर्चा जिले भर में है।
गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव हारने के बाद श्रीमती ज्योति धुर्वे ने भाजपा जिला अध्यक्ष, महामंत्री, सहित कई पार्टी पदाधिकारियों सहित केंद्रीय मंत्री व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को भी अपनी हार का ज़िम्मेदार ठहराया था और उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था साथ ही मामले की शिकायत भोपाल जा कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी की थी किन्तु अब तक प्रदेश संगठन ने कार्यवाही के नाम पर कुछ खास किया नहीं है। जिसके बाद राष्ट्रीय मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे कल खुद ही मोर्चा सम्हालते दिखे। एक अनुशासित पार्टी की पहचान रखने वाली भाजपा में मचा घमासान अब खुलकर आमजन के सामने आ चुका है जिसका खामियाजा आने वाले नगरीय निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव में पार्टी की जरूर भुगतना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव में नुकसान की अधिक संभावना नहीं है क्योंकि जिले की दोनों विधानसभा सीट पर पहले से भाजपा शून्य पर है पर नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी की भीतरी फुट असर ज़रूर होगा।
कार्यकम के दौरान केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, BJP जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, महामंत्री जय सिंह मरावी, अवधराज बिलैया, ज्ञानदीप त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य डॉ. चैन सिंह भवेदी, नगर परिषद अध्यक्ष पंकज तेकाम, पार्षद आशीष वैश्य, शक्ति परस्ते, वरिष्ठ BJP नेता लल्लू महाराज सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।