
अजब एमपी में गजब डिंडोरी
जनपथ टुडे डिंडोरी 08 जुलाई।
मध्यप्रदेश पूरे देश में यूं ही अपने अजीबो गरीब कारनामों के लिए प्रसिद्ध नहीं है समय समय पर ऐसे ऐसे कारनामे देखने सुनने को मिलते है, कि लगता है कि एमपी अजब है सबसे गजब है कि छवि का वास्तविक हकदार भी है। इसी छवि को पुख़्ता करता हुआ ताजातरीन मामला हमारे जिला डिंडोरी का है। जिसे जानकार आप भी कह उठेंगे अजब एमपी में डिंडोरी गजब है।
मामला कुछ यू है, डिंडोरी जिले में शिक्षकों के तबादले में बड़ा घोटाला सामने आया है। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, डिंडोरी द्वारा जारी तबादला आदेश में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। इस आदेश में कई ऐसे शिक्षकों के नाम शामिल हैं जो रिटायर या सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका पहले ही ट्रांसफर हो चुका है।
एक शिक्षक का दो अलग-अलग स्कूलों में तबादला
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही शिक्षक का दो अलग-अलग स्कूलों में तबादला कर दिया गया है। इसके अलावा, कुछ शिक्षकों को 150 किलोमीटर दूर तबादला कर दिया गया है, जो कि शिक्षकों को परेशान करने के लिए किया गया लगता है।
प्रभावित शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
प्रभावित शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय डिंडोरी पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक को कलेक्टर नेहा मारव्या के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने शीघ्र अतिशीघ्र प्रभावितों को राहत देने के साथ सूची निरस्त करने की मांग की है।
कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से सौंपने वालों की मांगें
प्रभावित शिक्षकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की हैं:
– तबादला सूची को निरस्त किया जाए।
– प्रभावित शिक्षकों को राहत दी जाए।
– तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।