
शिबू सोरेन के निधन पर गोंगपा ने जताया शौक
जनपथ टुडे डिंडोरी 5 अगस्त।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने शिबू सोरेन गुरु जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है॥
अपने शोक संदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजी कमलेश तेकाम ने कहा बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन जाते हैं. शिबू सोरेन जी वैसे ही लोगों में थे।शिबू सोरेन जी का निधन आदिवासी समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है।उनके साथ एक युग का अंत हो गया…. इंजी कमलेश तेकाम ने बताया कि महाजनों और सूदखोरों के द्वारा अपने पिताजी की हत्या के बाद उन्होंने उससे संघर्ष की बागडोर अपने हाथ में ले ली. उस संघर्ष में वे आदिवासी समाज के गुरु जी ही नहीं बल्कि दिशोमगुरू बन गए. झारखंड के इलाक़े में वे नाम से नहीं गुरु जी के रूप में ही जाने जाते थे. इंजी कमलेश तेकाम ने बताया कि उन्होंने महसूस किया कि जब तक झारखंड का इलाक़ा बिहार से अलग नहीं होगा तब तक आदिवासियों की तरक़्क़ी संभव नहीं है. इसी मक़सद से 1972 में झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की, और अपने संघर्ष के मोर्चे में झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में शोषण और जुल्म के विरुध्द लड़ने वाले इकट्ठा हुए।गुरु जी के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन जी तो थे ही, उनकी मुहिम से ही झारखंड को अलग राज्य बनाने का संघर्ष सफल हुआ था. उसके बाद उनके जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव आया . लेकिन आजीवन वे झारखंड के गुरु जी बने रहे. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से उनको अपनी पुष्पांजलि अर्पित करता हूँ और उनकी क्रांतिकारी छवि को पार्टी सलाम करती हैं।