
हाथियों के आने से जिले में मचा हड़कंप
जनपथ टुडे डिंडोरी 27 अगस्त।
डिंडौरी के करंजिया वन परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़ से भटककर आए एक नर हाथी ने बंगला दादर गांव में जमकर उत्पात मचाया। इस घटना में 60 वर्षीय भदरू नामक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि भदरू अपने कच्चे घर में सो रहे थे जब हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने अपनी सूंड से उठाकर उन्हें करीब 5 मीटर दूर फेंक दिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। ग्रामीणों ने घायल को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। वन विभाग ने घटना के बाद गांव और आसपास के जंगलों में गश्त तेज कर दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल भदरू को करंजिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें डिंडौरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह घटना छत्तीसगढ़ से भटककर आए एक नर हाथी द्वारा की गई, जिसने बांग्ला दादर गांव में हमला किया और एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के मुख्य बिंदु:
– हाथी का हमला: छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व से भटककर आया नर हाथी ने बांग्ला दादर गांव में हमला किया।
– ग्रामीण घायल: 60 वर्षीय भदरू अपने कच्चे घर में सो रहे थे जब हाथी ने उन पर हमला कर दिया।
– वन विभाग की कार्रवाई: वन विभाग ने घायल भदरू को निजी वाहन से करंजिया अस्पताल पहुंचाया।
– ग्रामीणों में दहशत: हाथी के दोबारा लौटने की आशंका से गांववालों में डर बना हुआ है।
डिंडोरी जिले में हाथियों के हमले की यह घटना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ से आए हाथियों के झुंड ने जिले में उत्पात मचाया था, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। वन विभाग ने प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
डिंडौरी जिले के बांग्ला दादर और आसपास के गांवों में छत्तीसगढ़ से आए हाथियों के हमले के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का आना अब आम बात हो गई है, लेकिन वन विभाग की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। वन विभाग ने घटना के बाद गांवों में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों से रात में अकेले न निकलने और कच्चे घरों के बजाय सुरक्षित पक्के मकानों में रहने की अपील की है।
वन विभाग की कार्रवाई:
– गश्त बढ़ाई गई: वन विभाग ने गांवों में गश्त बढ़ा दी है और अस्थायी कैंप लगाकर निगरानी भी बढ़ाई जा रही है।
– मुआवजा दिया गया: वन विभाग ने हाथियों के हमले से क्षतिग्रस्त मकान और फसल नुकसान का मुआवजा जारी किया है। राजस्व विभाग ने 62 ग्रामीणों की फसल और मकान के मुआवजे की राशि जारी कर दी है।
– सुरक्षा व्यवस्था: वन विभाग ने ग्रामीणों से रात में अकेले न निकलने और कच्चे घरों के बजाय सुरक्षित पक्के मकानों में रहने की अपील की है।
ग्रामीणों की मांग:
– स्थायी सुरक्षा व्यवस्था: ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जब तक हाथियों का आना पूरी तरह बंद न हो, तब तक प्रभावित गांवों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
– सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि हाथियों के हमले से बचा जा सके।