
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के विशेष प्रयासों से विक्षुप्तों को मिला संरक्षण- प्रभु जी सेवा संस्था डबरा में होगा उपचार
संपादक प्रकाश मिश्रा 8963976785
जनपथ टुडे डिण्डौरी : 07 जनवरी 2026
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह के विशेष प्रयासों से जिले में लंबे समय से घूम रहे विक्षुप्त व्यक्तियों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करते हुए उनके उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत पिपरिया, विकासखंड शहपुरा की मूल निवासी विक्षुप्त महिला बसंती वरकडे, जो विगत 13 वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं तथा बिना बताए कहीं भी चली जाती थीं, को कपिलधारा आश्रम, अमरकंटक से खोजकर लाया गया। वर्तमान में उन्हें नर्मदा वृद्धा आश्रम, साकेत नगर (डिंडौरी) में रखा गया है, जहाँ सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत छांटा, विकासखंड डिंडौरी के स्थायी निवासी ईश्वर प्रसाद (उम्र 36 वर्ष), जो विवाहित हैं तथा एक 8 वर्षीय बच्चे के पिता हैं, मानसिक अस्वस्थता के कारण परिजनों से मारपीट कर कहीं भी चले जाते थे। उन्हें भी आम रास्ते से खोजकर सुरक्षित रूप से वृद्धा आश्रम में रखा गया है। इसके अतिरिक्त एक अन्य लगभग 38 वर्षीय अज्ञात विक्षुप्त महिला, जो न बोल पाने की स्थिति में हैं तथा जिनके परिवार अथवा ग्राम का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, को भी संरक्षण में लिया गया है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह के प्रयासों से तीनों विक्षुप्तों को जिले के विभिन्न स्थानों से सुरक्षित लाकर नर्मदा वृद्धा आश्रम, साकेत नगर में रखा गया। आज 07 जनवरी 2026 को कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने आश्रम पहुँचकर विक्षुप्तों से वार्तालाप किया। इस अवसर पर दो विक्षुप्तों के परिजन उपस्थित रहे, जिनसे विस्तृत जानकारी ली गई।
परिवारजनों की सहमति से उपचार हेतु एनजीओ ‘प्रभूजी सेवा संस्था’, डबरा (ग्वालियर) के माध्यम से आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। संस्था के संचालक डॉ. हर्षवर्धन सिंह राठौर ने बताया कि संस्था विगत 8 वर्षों से निरंतर ऐसे विक्षुप्त व्यक्तियों का उपचार कर उन्हें स्वस्थ कर उनके परिवारों से पुनर्मिलन कराती आ रही है। यह व्यवस्था सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी के विशेष प्रयासों से संभव हुई है, जिनके द्वारा डबरा से संस्था को आमंत्रित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्री चौधरी ने पूर्व में डबरा तहसील में एसडीएम रहते हुए भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कलेक्टर ने परिवारजनों एवं प्रभूजी सेवा संस्था के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर परिवारजनों के शपथ पत्र एवं सहमति पत्र के आधार पर विक्षुप्तों के सुरक्षित आवागमन की निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की। उपचार के दौरान उनके साथ परिवार के सदस्य को भी जाने की अनुमति दी गई है। यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता एवं समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे विक्षुप्त व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन, उपचार एवं परिवार से पुनर्मिलन का अवसर प्राप्त होगा।



