डिंडोरी में कृषि सखी एवं कृषि उद्योग सखियों का प्रशिक्षण संपन्न, प्रमाण पत्र वितरित

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संपादक (प्रकाश मिश्रा)
जनपथ टुडे डिंडौरी : 12 जनवरी, 2026
मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी के निर्देशन एवं जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती अर्पणा पांडेय के मार्गदर्शन में सामुदायिक प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) डिंडोरी में कृषि सखी एवं कृषि उद्योग सखियों का कृषि आधारित विभिन्न विषयों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 बैच में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

प्रशिक्षणार्थियों को एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत मोटे अनाज कोदो कुटकी, एकीकृत कृषि क्लस्टर, व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, उत्पादक समूह गठन एवं कृषि उद्यमिता विकास के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रबंधक (मूल्यांकन एवं अनुश्रवण) तथा प्रभारी जिला प्रबंधक (कृषि) जेठू सिंह पट्टा ने कोदो कुटकी के पोषण गुणों एवं आर्थिक लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि यह फाइबर, प्रोटीन, आयरन व कैल्शियम से भरपूर, ग्लूटेन-फ्री मोटा अनाज है, जो कम पानी, कम लागत एवं रासायनिक मुक्त खेती के साथ अधिक मूल्य प्रदान करता है। बंजर एवं भर्रा भूमि में कोदोदृकुटकी तथा उबड़ खाबड़ क्षेत्रों में फलदार पौधों के रोपण से उत्पादन बढ़ाने पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।

परियोजना अधिकारी (मनरेगा) प्रदीप शुक्ला द्वारा फलदार वृक्षारोपण, उत्पाद निर्माण एवं विक्रय तथा “एक बगिया माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत रोपण संबंधी विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रदान संस्था के जिया रज़ा एवं अमन श्रीवास्तव ने व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, मल्टीलेयर मॉडल, खरीफ रबी ग्रीष्म सीजन, शेडनेट खेती में लागत लाभ एवं आगामी रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। सिजेंटा फाउंडेशन के शैलेन्द्र बैसले ने मुर्गीपालन व मशरूम, प्रदान संस्था के  गणेश देवकते ने कृषि उद्यमिता विकास तथा  सौरभ सिंह (बैगा चक कोदो कुटकी प्रसंस्करण इकाई) ने उत्पादक समूह गठन, बिजनेस प्लान एवं संचालन पर प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक जिला प्रबंधक (प्रशिक्षण) केशव प्रजापति, प्रवीण दास (स्वावलंबी भारत अभियान), श्रीमती मीना बनवासी, जयश्री सिंग्राम, शारदा धुर्वे, मेघा, पूजा कुसुम धूमकेती सहित प्रशिक्षण केंद्र संचालन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए स्वरोजगार एवं कृषि उद्यमिता हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही कृषि, पशुपालन, रेशम, उद्यानिकी, मत्स्य विभाग सहित कृषि आधारित सभी विभागों की योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध ऋण एवं अनुदान सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।

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