
लापरवाही की इंतिहा: खाली सिलेंडरों के भरोसे रेफर किया मरीज, बीच सड़क पर मौत के बाद परिजनों का हंगामा
उपसंपादक मोहम्मद साहिब 9406850186
जनपथ टुडे डिंडौरी 05 फरवरी 2026— जिला के संवेदनशील कलेक्टर की लाख शक्ति और कोशिशों के बाद भी जिला अस्पताल अपने पुराने ढर्रे पर बदस्तूर आडा हुआ है और आज फिर से एक बार जिला अस्पताल डिंडौरी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है अस्पताल प्रबंधन की कथित अनदेखी के कारण एक गंभीर मरीज को समय पर पर्याप्त ऑक्सीजन और उचित एंबुलेंस नहीं मिल सकी जिसके परिणामस्वरूप रास्ते में ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के सामने सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
घटनाक्रम के अनुसार रविंद्र कुमार मरावी को बीते 4 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था 5 फरवरी की सुबह जब मरीज की हालत और अधिक बिगड़ने लगी तो ड्यूटी डॉक्टर सुरेश मरावी ने सुबह करीब 10 बजे उन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर करने के निर्देश दिए परिजनों का आरोप है कि मरीज की नाजुक स्थिति को जानते हुए भी उसे जीवन रक्षक उपकरणों से लैस ‘108 एंबुलेंस’ के बजाय ‘जननी एक्सप्रेस’ से भेजा गया, जो नियमों के विरुद्ध और मरीज की जान के साथ खिलवाड़ था।
सबसे गंभीर लापरवाही ऑक्सीजन सिलेंडरों को लेकर सामने आई है। वाहन चालक के अनुसार, एंबुलेंस में मौजूद एक सिलेंडर खाली था और दूसरा केवल आधा भरा हुआ था। जिसकी सूचना न तो परिजनों को दी गई और न ही अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जांच सुनिश्चित की। हालांकि अस्पताल प्रबंधन इन दावों को नकारते हुए दोनों सिलेंडरों के भरे होने की बात कह रहा है शाहपुरा से आगे बढ़ते ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन समाप्त हो गई, जिससे तड़प-तड़प कर दोपहर 1 बजे रविंद्र कुमार की मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और अस्पताल के बाहर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मौत की सूचना मिलने के बाद जब वे अस्पताल पहुंचे, तो ड्यूटी डॉक्टर ने एक घंटे तक उनसे मुलाकात नहीं की और स्टाफ ने भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। स्थिति को बिगड़ता देख तहसीलदार आर.पी. मार्को और एसडीएम सुश्री भारती मेरावी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल, क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है और लोग स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही की निंदा कर रहे हैं।

