
जांच टीम को समय पर नहीं कराया अभिलेख उपलब्ध- सीएमओ को नोटिस जारी

सीवर लाइन एवं एसटीपी निर्माण कार्य की होगी जांच
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी : 13 मार्च, 2026 – नगर परिषद डिंडौरी में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत किए जा रहे सीवर लाइन एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण कार्य से संबंधित शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा संभावित लीकेज के कारण तालाब के पानी के प्रदूषित होने की आशंका के मामले में कलेक्टर द्वारा जांच के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है मामला –
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी डिंडौरी स्थित डेम/तालाब के भीतर से सीवर लाइन डाली गई है, जिसमें कुछ स्थानों पर संभावित लीकेज की आशंका व्यक्त की गई थी। इससे तालाब के पानी के प्रदूषित होने की संभावना को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता भी व्यक्त की गई थी।
25 फरवरी 2026 को जारी किए गए थे आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा वास्तविक स्थिति की जांच के लिए एक जांच दल गठित किया गया था जिसमें जांच दल को आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद डिंडौरी को निर्देशित किया गया था। इसी मामले में कार्यालय कलेक्टर द्वारा 25 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को जांच में सहयोग करने तथा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
जबाव देने के लिए 3 दिन का समय, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी प्रस्तावित
निर्धारित समय-सीमा के बावजूद नगर परिषद द्वारा अपेक्षित जानकारी एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद डिंडौरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।



