नवोदय विद्यालय से लापता छात्र की सुरक्षित वापसी, कलेक्टर ने कहा-समस्या छुपाएं नहीं, बताएं

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नवोदय विद्यालय से लापता छात्र की सुरक्षित वापसी, कलेक्टर ने किया माता पिता को सुपुर्द

संपादक प्रकाश मिश्रा 
जनपथ टुडे डिंडौरी : 25 मार्च, 2026-असम के नवोदय विद्यालय में 9 वीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र 21 मार्च को बिना किसी को बताए स्कूल से लापता हो गया था  जिसकी जानकारी विद्यालय प्रबंधन बच्चें के माता को दी थी जिसके बाद बच्चे के मातापिता ने पिता  24 मार्च 2026 को जनसुनवाई में आवेदन देते हुए बच्चें लापता होने की सूचना कलेक्टर को दी थी साथ उसके खोज खबर करने का अनुरोध किया था।

कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धमनगांव और असम के नवोदय विद्यालय प्राचार्य एवं कलेक्टर से विस्तृत चर्चा की और बच्चें के बारे में विशेष ध्यान देने की बात कही।  जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तत्परता से गुम हुए बच्चे को तलाश कर अभिवावको को सुपुर्द किया।

प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान शैक्षणिक सत्र में छात्र अमन मरावी माइग्रेशन के तहत शासकीय विद्यालय धीमा (असम) में अध्ययनरत था। दिनांक 21.03.2026 को रात्रि लगभग 9ः00 बजे छात्र के विद्यालय परिसर से अचानक अनुपस्थित होने की सूचना प्राचार्य द्वारा दी गई।
घटना के संबंध में तत्काल स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। सूचना प्राप्त होते ही डिंडोरी स्थित विद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र के अभिभावकों को सूचित किया गया तथा जबलपुर स्थित जीआरपी थाने में भी जानकारी प्रेषित की गई। इस दौरान संबंधित विद्यालयों के बीच निरंतर संपर्क रखा गया। इसी बीच  24 मार्च को उक्त लापता छात्र के जबलपुर के गोरखपुर थाने में मिलने की सूचना प्राप्त हुई। तत्पश्चात विद्यालय वाहन भेजकर छात्र को सुरक्षित वापस लाया गया ।

क्या थी स्कूल से भागने की वजह 

छात्र द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उसने अपने साथियों से लगभग 3,000 रुपये उधार लिए थे, जिनकी वापसी के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था। इस संबंध में उसने अपने अभिभावकों को जानकारी दी थी, परंतु विद्यालय प्रबंधन या प्राचार्य को अवगत नहीं कराया। इसी दबाव के चलते छात्र 21 मार्च की रात्रि लगभग 9ः30 बजे विद्यालय की बाउंड्री कूदकर भाग गया और विभिन्न साधनों से यात्रा करते हुए ट्रेन द्वारा जबलपुर पहुंच गया।

कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया ने दी समझाइश 

कलेक्टर ने छात्र से पूरी घटना की जानकारी ली और उसे समझाया कि किसी भी समस्या या दबाव की स्थिति में घबराने के बजाय अपने शिक्षकों, प्राचार्य या अभिभावकों को तुरंत जानकारी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना बताए इस प्रकार विद्यालय छोड़ना खतरनाक हो सकता है।

कलेक्टर ने छात्र को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने, अनुशासन में रहने एवं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। साथ ही आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन उसकी हर संभव सहायता करेगा।

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