कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष के निष्कासन मामले में आया नया मोड़

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जन-पथ टुडे, डिंडोरी, 23 जुलाई 2021, डिंडोरी जिले में कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक साफ-साफ दिखाई दे रही है। ताजातरीन मामला कांग्रेस की कशमकश को दर्शा रहा है। जहां डिंडोरी जिले में पिछले दिनों ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बाजाग के अध्यक्ष लोकेश पटेरिया ने युवा कांग्रेस के जिला प्रभारी मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव विजेंद्र करोसिया के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली गलौज करने का खुलासा हुआ था। जिसका कथित तौर पर ऑडियो ख़ूब वायरल हुआ था और संभवत प्रदेश महासचिव की शिकायत पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए ब्लॉक अध्यक्ष को सीधे-सीधे पार्टी से बर्खास्त कर दिया और एक कड़ा संदेश देने का प्रयास किया था लेकिन दूसरे ही दिन बाजी पलटती हुई दिखाई दी। उसी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अपने एक दिन पुराने आदेश को स्टे करते हुए एक जांच समिति का गठन कर दिया जो पूरे मामले की छानबीन करेगी, वास्तविकता का पता लगाएगी।

डिंडोरी जिले में वर्चस्व की लड़ाई खुलकर दिखाई दे रही है दोनों धड़े खुल कर एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने कांग्रेस को क्षति पहुंचाए दिख रहे हैं।

यह बात भी समझ से परे है कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के संगठन प्रभारी ने बगैर किसी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किए ब्लॉक अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन कार्यकर्ता को न केवल पद से हटा दिया बल्कि पार्टी से ही निष्कासित कर दिया और फिर इस गंभीर और बड़े निर्णय पर 24 घंटे भी कायम नहीं रह सके। अपने ही आदेश पर रोक लगा दी।

गौरतलब है विगत 4 जुलाई को भी जबलपुर में आयोजित पार्टी मीटिंग में बाजाग अध्यक्ष ब्लॉक लोकेश पटेरिया ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय नेतृत्व को सीधी सीधी चुनौती देते हुए उनके निर्णय को मानने का इंकार कर दिया था और अपने स्थानीय नेता को अपना सब कुछ बताया था। जिस पर वहां मौजूद कांग्रेसियों ने विरोध भी किया था। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय द्वारा ब्लाक अध्यक्ष को इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की भी चर्चा थी। लेकिन इससे पहले की वह प्रकरण निपट पाता ब्लॉक अध्यक्ष में युवा कांग्रेस के जिला प्रभारी प्रदेश महासचिव विजेंद्र करोसिया के साथ न केवल अभद्र बर्ताव किया बल्कि गंदी गंदी गालियां दी और उसे जिले में प्रवेश करने की चुनौती तक दे डाली । बताया जाता है इस विवाद में ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक खेमेबाजी हुई है और दोनों ही पक्ष अपनी अपनी मांगे मनवाने के लिए अड़े हुए है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य की कोख में क्या छिपा है! आने वाला समय किसके लिए वरदान और किसके लिए गाज बंद कराने वाला है।


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