भूकंप की दहशत से रातभर जागते है करंजिया के लोग, पर प्रशासन सो रहा है

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प्रशासन से लोगों की शीघ् गंभीर कार्यवाही की अपील

जनपथ टुडे, डिंडोरी, 13 जनवरी 2022, पिछले लंबे समय से जिले के करंजिया विकासखंड मुख्यालय में भूगर्भी घटनाक्रम को लेकर यहां के रहवासी चिंतित है। जमीन के नीचे से तेज आवाजें, जोर की घरघराहट और धरती में कम्पन लोग महसूस कर रहे है। जिसको लेकर स्थानीय निवासियों से चर्चा और पूरी खबर “जनपथ टुडे” द्वारा नवम्बर माह में सार्वजानिक की थी। करंजिया के लोगों से मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से इस तरह की घटनाएं बढ़ गई है। बताया जाता है कि 12 जनवरी को सुबह 4.45 पर, फिर 10 बजे दिन में और रात्रि लगभग 11.50 और फिर रात्रि 12.20 पर भूकंप जैसा झटका लोगों ने महसूस किया। जिसको लेकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी।

इस पर हमारे प्रतिनिधि ने खास तौर पर करंजिया के पत्रकारों से जब देर रात्रि में चर्चा की तो सभी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि वे सतर्कता के चलते कई दिनों से रात्रि जागरण कर रहे है। इस तरह की घटनाओं से स्थानीय लोग डरे हुए है। चुकी इस वन बाहुल्य क्षेत्र में ठंड बहुत ही अधिक है इसलिए लोग घर के बाहर तो नहीं आते पर हर घर में जागरण की स्थिति है। ग्राम के अधिकतर लोग भूकंप की आशंका से रात भर जागते है।

करंजिया मुख्यालय ने इस तरह की घटनाएं काफी समय से लोग महसूस कर रहे है। जिसका खुलासा पहले भी किया गया किन्तु इस पर प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की न ही किसी तरह की पड़ताल ही करवाई और अब जब लोगों के मुताबिक भूकंप जैसे झटके, तेज आवाजे और जमीन में कम्पन महसूस होने की घटनाएं अधिक महसूस की जा रही है और डरे हुए लोग यहां रात भर जाग रहे है, तब भी प्रशासन और स्थानीय अधिकारी गहरी नींद में सो रहे है। जबकि स्थानीय लोग भूकम्प की आशंका से दहशत में है।

बताया जाता है कि तीन दिन पूर्व भी कुछ लोगों ने रात 1.49 बजे इसी तरह की घटनाएं महसूस की थी और लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले इसी तरह के झटके से नलजल योजना के बोर की मोटर नीचे खिसक गई थी, जिससे कई दिनों तक नल जल योजना करंजिया नगर में बंद रही।

इस पूरे घटना क्रम पर नायाब तहसीलदार दिनेश बरकड़े में हमारे प्रतिनिधि को बताया कि पूर्व ने मिली इस तरह की जानकारी से मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी ने कल की घटना की जानकारी सोसल मीडिया और कुछ लोगों से प्राप्त होने की बात कहते हुए इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दिए जाने की बात कही है।

भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजकुमार मोंगरे ने इस घटना के संबंध में जिला अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से चर्चा किए जाने की बात कहीं है।

नर्मदा के तट पर बसे इलाकों में भूकम्प की आशंका अधिक है

प्रदेश के जबलपुर शहर में 1997 में भूकंप से बड़ी तबाही हुई थी उस समय भी जिले के लोगों ने इसका असर क्षेत्र में महसूस किया था। उस समय जानकारों ने इस बात की पुष्टि की थी कि नर्मदा के नीचे प्लेट्स की स्थितियों में हलचल होने से नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में भूकंप की संभावनाएं अधिक है। गौरतलब है करंजिया नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के बहुत करीब है और नर्मदा के तटीय क्षेत्र में स्थित है। अतः यहां भी भूकम्प की आशंका से नकारा नहीं जा सकता है। साथ ही यहां के रहवासियों के मुताबिक भी पिछले काफी अरसे से इस तरह की घटनाएं खतरे के संकेत दे रही है। जिससे स्थानीय लोग तो पूरी तरह से सतर्क है किन्तु अब तक प्रशासन ने इस ओर न तो ध्यान ही दिया है न किसी तरह की कार्यवाही और प्रयास किए गए है, जिससे समय रहते एतियात बरता जा सके। क्षेत्र में बचाव और आपदा के नियंत्रण हेतु अधिक प्रयास शीघ्र संभव हो सके।

जरूरी है कि क्षेत्र ने जारी इन भूगर्भीय घटनाओं की सूचना ऊपर स्तर पर देकर भू गर्भ शास्त्रियों और जानकारों से पड़ताल करवाई जाए ताकि समय से पूर्व संभावित घटनाओं का आंकलन कर जरूरी इंतजाम और लोगों को सुरक्षित रखने की व्यवस्थाएं की जा सके।

(करंजिया से गनी खान की रिपोर्ट)


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