साल भर से बंद: आरोग्य केंद्र गोरखपुर

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जनपथ टुडे डिंडोरी 12 अगस्त।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत आरोग्य केंद्र खोले गए हैं। लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। गोरखपुर गांव में 56 लाख रुपये की लागत से बना आरोग्य केंद्र एक साल से अधिक समय से बंद है, जिससे आसपास के तीन ग्रामों के सैकड़ों लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि जब गांव को आरोग्य केंद्र की सौगात मिली थी तो उन्हें उम्मीद थी कि अब गर्भवती महिलाओं या बीमारों को खटिया में लादकर अस्पताल ले जाने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। लेकिन हालात जस के तस हैं। ग्रामीणों ने विधायक ओमप्रकाश धुर्वे से आरोग्य केंद्र जल्द शुरू करने की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आरोग्य केंद्रों की हालत खराब है। कई गांवों में आरोग्य केंद्र महीनों से बंद पड़े हैं। इसके अलावा, कुछ आरोग्य केंद्रों के भवन निर्माण में अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं और उन्हें मजबूरन दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत आरोग्य केंद्र खोले गए थे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा सके। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजना के उद्देश्य को पूरा नहीं किया जा रहा है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग कब तक आरोग्य केंद्रों को शुरू कर पाता है और लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर पाता है।

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