
डिंडोरी में आदिवासी छात्रावासों में बिना आदेश सप्लाई का मामला गरमाया नए भ्रष्टाचार की आहट

घटिया चादर–कम्बल पहुँचाने पर उठे सवाल, अधिकारी अनजान

संपादक प्रकाश मिश्रा 8963976785
जनपथ टुडे डिंडोरी 22 नवम्बर 2025-
जिले के आदिवासी कन्या आश्रमों और छात्रावासों में बिना किसी आधिकारिक आदेश और बिना बिल के चादर, तकिया और कम्बलों की सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि न तो सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया और न ही आश्रमों के अधीक्षकों तथा संबंधित BEO को इसकी कोई जानकारी है। अचानक सप्लाई पहुँचने से पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है कि आखिर यह कार्रवाई किसके निर्देश पर की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार छात्रावासों में जो सामग्री पहुँचाई जा रही है, वह घटिया गुणवत्ता की बताई जा रही है। पतले कम्बल, हल्की चादरें और कम गुणवत्ता वाले तकिए आदिवासी बच्चों के लिए भेजे जा रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं हुआ है। आश्रम प्रबंधन भी इस स्थिति को लेकर दुविधा में है कि बिना स्वीकृति के सप्लाई की गई वस्तुओं को कैसे स्वीकार किया जाए।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आदिवासी बच्चों के नाम पर बजट तो जारी होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें मूलभूत सुविधाएँ भी ठीक से नहीं मिल पा रहीं।
उधर विभागीय अधिकारी किसी भी तरह की सप्लाई के आदेश से अनभिज्ञ होने की बात कह रहे हैं। इससे यह सवाल और गहराता जा रहा है कि बिना प्रशासनिक मंजूरी के आखिर यह सामग्री किन लोगों द्वारा और क्यों भेजी जा रही है।
जिले में अचानक सामने आए इस प्रकरण ने आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्थाओं और निगरानी व्यवस्था पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं करता, तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।



