
बगैर टंकी निर्माण ‘स्टोर’ से जलापूर्ति, किकरिया में जल जीवन मिशन की खुली पोल
घर-घर नल योजना कागज़ों में सिमटी, ग्रामीणों को एक गुंडी पानी भी नसीब नहीं
संपादक प्रकाश मिश्रा 8963976785
जनपथ टुडे डिंडोरी/समनापुर 14 जनवरी 2026
डिंडोरी जिले के समनापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलाईखार के पोषक ग्राम किकरिया में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सामने आ गई है। योजना के तहत गांव में स्टोरेज (ओवरहेड) टंकी का निर्माण किए बिना ही तथाकथित “स्टोर” से जलापूर्ति की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को नलों में पर्याप्त दबाव से पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर नल तो लगाए गए हैं, लेकिन नलों से एक गुंडी पानी भी नहीं भर पाता। टंकी निर्माण न होने के कारण पानी सीधे सप्लाई लाइन से छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते ऊंचाई वाले मोहल्लों में जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित है।
टंकी बिना बने, भुगतान पूरा?
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस योजना में ओवरहेड टंकी अनिवार्य घटक है, उसी का निर्माण किए बिना जलापूर्ति चालू दिखाकर कार्य पूर्णता का दावा किया जा रहा है। इससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—
क्या टंकी निर्माण का भुगतान पहले ही कर दिया गया है?
बिना मानक संरचना के योजना को किस आधार पर स्वीकृति मिली? विभागीय इंजीनियरों द्वारा भौतिक सत्यापन और निरीक्षण क्यों नहीं किया गया?
किकरिया के ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन से उम्मीद जगी थी कि महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। मजबूरी में कई परिवार अब भी हैंडपंप, कुएं और नदी-नालों पर निर्भर हैं।
लापरवाही या मिलीभगत?
पूरे मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और संबंधित ठेकेदार की भूमिका सवालों के घेरे में है। बिना टंकी के जलापूर्ति कर योजना को कागज़ों में सफल दिखाना, सरकारी धन के दुरुपयोग और संभावित मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
जिला प्रशासन से ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर डिंडोरी से मांग की है कि—
पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
टंकी निर्माण की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए,दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए, टंकी निर्माण पूर्ण कर दबावयुक्त व नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
समनापुर से लखन बर्मन की रिपोर्ट

