
मुंगेला में 4 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया विद्यालय भवन- अब प्राइवेट भवन भी बच्चों के लिए नहीं हो पा रहा उपलब्ध
ग्रामीणों ने प्रशासन से की जर्जर विद्यालय भवन के पुन निर्माण की मांग
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जनपथ टुडे डिण्डौरी 3 फरवरी 2026— एक बार फिर मुंगेला के के ग्रामीण, नोनीहालों के भविष्य की चिंता को लेकर सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं ।
मंगलवार को जनसुनवाई में समनापुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत जंजरा के पोषक ग्राम मुंगेला से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे । ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 4 वर्षों से प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है जिसे कई बार अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है। स्थिति इतनी खराब है कि वह कभी भी गिर सकता है जिससे स्कूली छात्रों और शिक्षकों को हानि पहुंच सकती है ।बार-बार स्मरण कराए जाने के बाद भी विद्यालय प्रशासन ने विद्यालय भवन के निर्माण की दिशा में कुछ ठोस कदम नहीं उठाया है, और ना ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर पाई है।
प्रभारी डीपीसी से मिले ग्रामीण, बताई समस्या
मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रभारी डीपीसी श्वेता अग्रवाल से मुलाकात की। और एक बार फिर मुंगेला की समस्या के समाधान की गुहार लगाई।ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की बजाय डीपी सी ने ग्रामीणों से ही कोई विकल्प तलाश करने की बात कही । ग्रामीणों का कहना है कि यदि हमारे पास कोई विकल्प होता तो हम प्रशासन से लगातार गुहार क्यों लगाते। अब स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि गांव में कोई प्राइवेट भवन भी नहीं है जहां पर बच्चों को अध्ययन कराया जा सके। वहीं शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वार्षिकीय कार्य योजना में इस स्कूल के मरम्मत अथवा नवीन भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया की जाएगी।
बड़ा सवाल यह है कि कब स्वीकृति मिलेगी कब भवन का निर्माण चालू होगा कितने दिनों में भवन निर्माण हो पाएगा। तब तक इन नोनीहालों के भविष्य का क्या होगा , क्या इसी तरह अधिकारियों और प्रशासन के आश्वासन में नोनिहालों का भविष्य संवारा जाएगा । फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी है। देखने लायक बात यह होगी कि कब तक मुंगेला के नौनिहालों को कोई स्थाई व्यवस्था मिल पाती है या फिर वही आश्वासनों का झुनझुना ग्रामीणों के हाथ लगेगा।
इन्होंने कहा –
जिले भर में लगभग 178 विद्यालय ऐसे हैं जो जर्जर स्थिति में है जिनके मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन की ओर भेजा गया है जैसे ही स्वीकृति प्राप्त होती है उपरोक्त भवनों में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
श्वेता अग्रवाल
प्रभारी डी पी सी
सर्व शिक्षा अभियान
