
दुर्गम वनांचल में बेहतर स्वास्थ्य की ओर कदम: आयुष्मान आरोग्य मंदिर जल्दा का नेशनल असेसमेंट

संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 16 फरवरी 2026 – कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं एसडीएम रामबाबू देवांगन के कुशल मार्गदर्शन में आकांक्षी विकासखंड बजाग के सुदूर वनांचल और आदिवासी बाहुल्य ग्राम जल्दा में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर तय किया गया। यहाँ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भारत सरकार की टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) का नेशनल असेसमेंट संपन्न हुआ।
चुनौतियों के बीच स्वास्थ्य क्रांति
ग्राम जल्दा एक ऐसा दुर्गम क्षेत्र है जहाँ आज भी इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ऐसी भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, जिला प्रशासन यहाँ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नेशनल असेसर डॉ. परम हंस मिश्रा और डॉ. सी. किशोर कुमार ने चेकलिस्ट के आधार पर केंद्र की सुविधाओं और सेवाओं का सूक्ष्म मूल्यांकन किया।
प्रशासनिक उपस्थिति और टीम का सहयोग
निरीक्षण के दौरान जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे और नोडल अधिकारी डॉ. मनोज उरैती उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में बीएमओ डॉ. चंद्रशेखर धुर्वे, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अर्जुन विश्वास, डॉ विकास जैन (ABF नीति आयोग) बीपीएम लल्ला यादव और बीईई कांति राव ने व्यवस्थाओं का मोर्चा संभाला।
कार्यकर्ताओं के समर्पण की जीत
इस मूल्यांकन को सफल बनाने में स्थानीय स्वास्थ्य अमले की भूमिका सराहनीय रही। बीसीएम साधना यादव, फार्मासिस्ट शैलेंद्र ठाकुर, सीएचओ सुश्री कुसुम लोधी, एएनएम लक्ष्मी राजपूत और आशा कार्यकर्ताओं के समर्पण ने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों और कनेक्टिविटी की कमी के बाद भी वनांचल के आदिवासियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा सकती हैं।



