
14 वर्षों से निलंबित सहायक अध्यापक धनीराम मरावी सेवा में बहाल–प्राथमिक शाला झिरिया बहरा में मिली नई पदस्थापना

संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी : 16 फरवरी, 2026 –
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार 14 वर्षों से निलंबित सहायक अध्यापक धनीराम मरावी को सेवा में पुनः बहाल कर दिया गया है। उन्हें विकासखंड करंजिया के प्राथमिक शाला कुतरी से हटाकर प्राथमिक शाला झिरिया बहरा, संकुल केन्द्र गोपालपुर में समान सामर्थ्य पर पदस्थ किया गया है।
2011 में जनगणना प्रगणक कार्य में लापरवाही तथा समय पर अभिलेख जमा न करने के कारण हुए थे निलंबित
प्राप्त जानकारी के अनुसार धनी राम मरावी को वर्ष 2011 में जनगणना प्रगणक कार्य में लापरवाही तथा समय पर अभिलेख जमा न करने के कारण तत्कालीन जिला जनगणना अधिकारी द्वारा निलंबित किया गया था। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में विलंब से अवरोध उत्पन्न हुआ था। निलंबन के पश्चात उन्होंने निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थिति भी नहीं दी थी।
आपराधिक मामले में न्यायालय ने धारा 294(ख), 323 एवं 506 में किया था दोषमुक्त
प्रकरण की विस्तृत समीक्षा के दौरान उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले में न्यायालय द्वारा धारा 294(ख), 323 एवं 506 में दोषमुक्त किया गया तथा धारा 324 में दी गई सजा अपील में संशोधित होकर केवल अर्थदण्ड में परिवर्तित कर दी गई। वर्तमान में उनके विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण लंबित नहीं है। साथ ही वन्य प्राणी अधिनियम से संबंधित मामले में उनका कोई संबंध नहीं पाया गया।
सुनवाई के दौरान श्री मरावी ने शपथपत्र प्रस्तुत कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। वे अनुसूचित जनजाति समुदाय से हैं तथा लंबे समय तक निलंबन की अवधि व्यतीत कर चुके हैं। नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत एवं मानवीय सहानुभूति को दृष्टिगत रखते हुए जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर उन्हें सेवा में बहाल करने का निर्णय लिया गया।
अंतिम निराकरण विभागीय जांच पूर्ण होने के बाद
हालांकि निलंबन की दीर्घ अवधि को देखते हुए उनके विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत नियमित विभागीय जांच संस्थित की गई है। जिला विभागीय जांच अधिकारी डिंडौरी को जांच अधिकारी तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी करंजिया को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि के वेतन-भत्तों का अंतिम निराकरण विभागीय जांच पूर्ण होने के बाद किया जाएगा। कलेक्टर द्वारा जारी इस आदेश से लंबे समय से लंबित प्रकरण का निराकरण हुआ है।




