
प्रशासनिक सुस्ती से तंग आकर युवक ने कलेक्ट्रेट में किया ‘दंडवत’ विरोध, सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
उपसंपादक मोहम्मद साहिब 9406850186
जनपथ टुडे डिण्डौरी 17 फरवरी— जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब ग्राम चटुवा के एक पीड़ित युवक ने तहसील कार्यालय की अनदेखी और भ्रष्टाचार से परेशान होकर कलेक्ट्रेट परिसर में दंडवत (जमीन पर लेटकर) अपना विरोध दर्ज कराया। पिछले 5 वर्षों से न्याय की बाट जोह रहे इस युवक का धैर्य तब जवाब दे गया, जब बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उसे केवल आश्वासन और दफ्तरों के चक्कर ही मिले।
4-5 वर्षों से जारी है जमीन का विवाद
पीड़ित युवक का आरोप है कि उसके सगे चाचा ने फर्जी तरीके से उसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर रखा है। यह मामला पिछले काफी समय से न्यायालय और तहसील कार्यालय में लंबित है। युवक ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, इसके बावजूद उसे बार-बार तहसील के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। आरोप है कि तहसील कार्यालय के कर्मचारी सीमांकन की प्रक्रिया में जानबूझकर टालमटोल कर रहे हैं और उसे मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
युवक की स्पष्ट मांग दोषियों पर हो कार्रवाई
युवक ने प्रशासन के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली यह कि उसकी जमीन का अविलंब और निष्पक्ष सीमांकन किया जाए ताकि उसे अपनी जमीन वापस मिल सके। दूसरी मांग यह कि सीमांकन के कार्य में जानबूझकर हीला-हवाली करने वाले और उसे परेशान करने वाले लापरवाह कर्मचारियों को चिह्नित कर उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


