
“जल जीवन मिशन” के कार्यों में चल रही मनमानी और भ्रष्टाचार
बाहरी ठेकेदारों को उपकृत करने अधिकारियों की आंखे बन्द
कमीशनखोरी के चलते घटिया कार्यों पर आधिकारी मौन
जनपथ टुडे, डिंडोरी, 18 जनवरी 2022, एक तरफ सरकार गांव गांव तक पेयजल मुहैया करवाने संकल्पित है, वहीं जिला प्रशासन भी जल जीवन मिशन योजना को लेकर गंभीर है। योजना में समीक्षा बैठके लगातार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी निर्देश दिए जा रहे है। किन्तु…. किन्तु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से मनमाने कार्य अंजाम दिए जा रहे है। जिसका परिणाम बहुत कम समय में सामने होगा और अधिकतर योजनाएं उसी तरह खराब और बन्द पड़ी होगी जिस तरह जिले भर में नल जल योजनाओं को लेकर शिकायते आ रही है, अधिकांश योजनाएं ठप्प पड़ी हुई है या आधी अधूरी आपूर्ति कर पा रही है। जबकि इन पर सरकार के करोड़ों रुपए जनता को पानी उपलब्ध कराए जाने हेतु खर्च किए जा रहे है। पर विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत, कमीशनखोरी और निष्क्रियता का परिणाम है कि जिले में जल जीवन मिशन अन्तर्गत चल रहे कार्यों को तय मापदंडों के विपरीत मनमाने तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
समनापुर सब डिवीजन अन्तर्गत बजाग विकासखंड के ग्राम कनकधारा में ठेकेदार द्वारा किए गए पाइपलाइन विस्तार के कार्य को लेकर ग्रामीणों की शिकायत है कि उक्त ठेकेदार द्वारा बिना पर्याप्त गहराई के ऊपर ही लाइन बिछा दी गई है। जो की कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है।
ठेकेदार द्वारा निर्धारित 1.20 मीटर की गहराई पर पाईप डालने का प्रावधान है, विभाग द्वारा इसका भुगतान भी किया जाता है। किन्तु ठेकेदार द्वारा विभाग के दिशा निर्देशों की अनदेखी कर एक फीट भी खुदाई नहीं की गई और पाईप डाल दिए गए जबकि विभाग द्वारा उन्हें तय गहराई का भुगतान किया जा रहा है। इस तरह की लापरवाही और मनमानी पर विभाग के अधिकारी भी मौन हो कर आंख बन्द किए बैठे है। अधिकारियों का संरक्षण मिलने के कारण समनापुर और बजाग क्षेत्र में अधिकांश कार्यों में इसी तरह खुलेआम गड़बड़िया चल रही है। जबकि शासन प्रशासन जल जीवन मिशन के कार्यों को गुणवत्तापूर्वक करवाए जाने पी एच ई के अधिकारियों को लगातार आदेशित कर रहा है। किन्तु भ्रष्टाचार के चलते विभाग का अमला ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे घटिया और मनमाने कार्यों को बढ़ावा दे रहा है। जिनकी जांच करवाकर निर्धारित मापदण्ड के विरूद्ध कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध ब्लैक लिस्टेड किए जाने की कार्यवाही की जानी चाहिए वहीं विभाग के सब इंजीनियर और एसडीओ से मात्र एक फुट की खुदाई कर डाली जा रही पाईप लाइन और 1.20 मीटर खुदाई के किय गए भुगतान की वसूली कार्यवाही की जानी चाहिए।
कनकधारा में चल रहे कार्य में इसी तरह की कोताही “स्मप बेल” के कार्य में उजागर हो रही है। जानकार बताते है कि कांक्रीट की मोटाई निर्धारित 10 इंच होनी चाहिए किन्तु यहां 6 इंच कांक्रीट से स्लेब ठेकेदार द्वारा डाला गया है,। वहीं वेस में राउंड बीम और लोहे की मात्रा में कमी साफ दिखाई दे रही है।
बाहरी ठेकेदार, कम दर के कर रहे घटिया कार्य
बताया जाता है कि जल जीवन मिशन अन्तर्गत जिले में चल रहे कार्यों में समनापुर सब डिवीजन में अधिकांश कार्य बाहरी जिलों के ठेकेदारों द्वारा कम दर पर ले कर किए जा रहे है। जिसके चलते अधिकांश कार्यों में निर्धारित मापदंडों के विरूद्ध घटिया कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं कमीशनखोरी के चलते विभाग के अधिकारियों की आंखे बन्द है। जिला प्रशासन को जल जीवन मिशन के इन कार्यों की जांच कराकर घटिया कार्य और मनमाने भुगतान करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की आवश्यकता है जिससे भविष्य में जिले में चल रहे कार्यों को ठीक ढंग से किया जावे।