नर्मदा परिक्रमा पथ पर बनेंगे आश्रय स्थल, नदियों के उद्गम स्थलों पर होगा वृक्षारोपण

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जनपद टुडे 1 अगस्त 2025 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनिल कुमार राठौर की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों के निर्माण एवं नदियों के उद्गम स्थलों पर फेंसिंग और वृक्षारोपण कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। यह कार्य कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या के मार्गदर्शन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति के पश्चात किया जा रहा है।

 

बैठक में संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ, उपयंत्री, सहायक यंत्री, ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

नदियों के उद्गम स्थल चिन्हांकित

जिले से निकलने वाली सात प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों को चिन्हित कर फेंसिंग और वृक्षारोपण हेतु तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है:

 

बुढनेर नदी – ग्राम चांडा (जनपद बजाग)

 

तुराड़ नदी – ग्राम चौरादादर (जनपद करंजिया)

 

लमती नदी – ग्राम धनुवासागर (डिंडौचरी)

 

सिलगी नदी – ग्राम छिवलीमाल

 

दनदना नदी – ग्राम राई (मेंहदवानी)

 

छोटी महानदी – ग्राम टिकरासरई (शहपुरा)

 

कसा नदी – ग्राम संग्रामपुर

नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थल निर्माण

नर्मदा परिक्रमा पथ के अंतर्गत चिन्हित भूमि पर आश्रय स्थलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें फेंसिंग एवं वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके लिए निम्न जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों की भूमि चिन्हित की गई है:

 

जनपद अमरपुर: रमपुरी

 

जनपद डिंडोरी: उदरीमाल, मडियारास, केवलारी, घुसियामाल, औरई, रायपुरामाल, रूसामाल, सुबखार, धुर्रा, मुढियाकला, इमलईमाल, हिनौता

 

जनपद बजाग: शोभापुर, मझियाखार, कारोपानी, खरगहना, सुनहादादर, पथरकुचा रैयत

 

जनपद करंजिया: रूसा, कबीर, गारकामट्टा, मेंढाखार, मूसामुंडी, खन्नादत

 

जनपद शहपुरा: मालपुरामाल, राखीमाल, दूबामाल, देवरीमाल

सीईओ के निर्देश

 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राठौर ने सभी संबंधित ग्राम पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि –

चिन्हित स्थलों का राजस्व रिकॉर्ड से सत्यापन कर भूमि का आरक्षण एवं आवंटन सुनिश्चित करें।

पंचायत दर्पण पोर्टल पर वर्क कोड बनाकर कार्य प्रारंभ की प्रक्रिया शुरू करें।

कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही हों।

यदि कोई स्थल अनुपयुक्त हो या परिवर्तन आवश्यक हो, तो विस्तृत प्रतिवेदन सरपंच, सचिव, उपयंत्री, सहायक यंत्री एवं सीईओ जनपद पंचायत के हस्ताक्षर सहित प्रस्तुत करें।

फेंसिंग कार्य हेतु जारी की गई राशि का अन्य कार्यों में उपयोग नहीं किया जा सकेगा, अन्यथा संबंधित पंचायत से राशि शासन को लौटानी होगी।

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