जैविक एवं प्राकृतिक खेती का महत्व

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जनपथ टुडे 23 अगस्त।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रयपुरा में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कृषि के साथ-साथ आधुनिक खेती के तरीकों से अवगत कराना था। नर्मदांचल गौ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने विद्यार्थियों को जैविक खेती के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने केंचुआ खाद, बीजोपचार, जीवामृत, अग्नि अस्त्र जैसे जैविक संसाधनों के उपयोग और निर्माण की विधि को समझाया। साथ ही मृदा परीक्षण पर भी विस्तृत जानकारी दी। बिहारी लाल साहू ने बताया कि गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती न केवल मृदा की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। आदिवासी बहुल डिंडौरी जैसे क्षेत्रों में यह खेती स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकती है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राचार्य सुमन पाण्डेय और व्यावसायिक प्रशिक्षक कृषि सविता मार्को भी उपस्थित थे।

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