गोंगपा की प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न,

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आने वाला समय गोंगपा का है  -इंजी. कमलेश तेकाम

जनपथ टुडे डिंडोरी 31अगस्त।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) की बहुप्रतीक्षित प्रदेश स्तरीय बैठक आज जबलपुर स्थित चैम्बर ऑफ कामर्स सिविक सेंटर मढाताल के सभागार मे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट इरफ़ान मलिक, प्रदेश अध्यक्ष इंजी.कमलेश तेकाम, महिला अध्यक्ष शातिराज कुशराम  राष्ट्रीय सचिव अमान सिंह  के उपस्थिति मे सफलतापूर्वक सम्पन हुई । बैठक में संगठन के शीर्ष नेतृत्व, ज़िला प्रभारी, ब्लॉक अध्यक्ष, महिला एवं युवा मोर्चा सहित सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक को आगामी 2027 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, 2028 विधानसभा चुनाव तथा 2029 लोकसभा चुनाव के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:

1. संगठनात्मक मूल्यांकन और सुधार की योजना

बैठक की शुरुआत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन के पिछले छह महीनों के कार्यों की समीक्षा से की। सभी जिलों से आई रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह संगठन का मूल्यांकन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे।

2. आगामी चुनावों के लिए स्पष्ट रणनीति

गोंगपा ने 2027 से 2029 तक के चुनावों के लिए एक स्पष्ट और चरणबद्ध रणनीति का मसौदा पारित किया। पंचायत से लेकर लोकसभा तक, सभी चुनावों में संगठन को मज़बूती से प्रस्तुत करने के लिए शक्ति निर्माण और प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

3. संगठन विस्तार के लिए विशेष अभियान

उन जिलों में जहाँ संगठन की उपस्थिति सीमित है, वहाँ विशेष सदस्यता अभियान और सामाजिक समन्वय बैठकों के माध्यम से विस्तार किया जाएगा। सामाजिक संगठनों और जनजातीय समूहों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है।

4. नीतिगत निर्णय लेने हेतु कमेटी गठन

अब प्रत्येक माह संगठन की रणनीति और दिशा तय करने के लिए एक नीति निर्माण समिति कार्य करेगी। यह समिति संगठन की वैचारिक मज़बूती और त्वरित निर्णय प्रणाली को और बेहतर बनाएगी।

5. सहयोगी मोर्चों को दी गई प्राथमिकता

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, छात्र संगठन (GSU), और सोशल मीडिया विंग को मज़बूती देने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक मोर्चे को स्वतंत्र कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।

6. प्रकोष्ठों का विस्तार

बैठक में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, व्यापारी प्रकोष्ठ, और विधिक सलाहकार प्रकोष्ठ के गठन और सक्रिय संचालन पर विशेष चर्चा हुई। इन प्रकोष्ठों को संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

7. समितियों का पुनर्गठन

अनुशासन समिति, समन्वय समिति, मीडिया समिति और अन्य विषयगत समितियों का पुनर्गठन किया गया। साथ ही, प्रत्येक समिति को 6 माह के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी जारी किया गया।

8. समग्र गोंडवाना क्रांति आंदोलन का विस्तार

बैठक में यह संकल्प लिया गया कि शैक्षणिक, आर्थिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और शोध क्षेत्रों में समग्र गोंडवाना क्रांति आंदोलन को एक वैचारिक मंच के रूप में और आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय समितियाँ गठित की जाएंगी।

9. आर्थिक कोष निर्माण

संगठन की आर्थिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए कोष निर्माण की योजना को अंतिम रूप दिया गया। पदाधिकारियों से आर्थिक पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की गई।

10. सदस्यता अभियान और डिजिटल रजिस्ट्रेशन

प्रदेश भर में व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, सभी सदस्यों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि संगठनात्मक संवाद और प्रबंधन प्रभावी हो।

11. बलिदान दिवस की तैयारी

18 सितंबर को जबलपुर में आयोजित होने वाले शहीद राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस को ऐतिहासिक रूप देने हेतु विशेष समिति का गठन किया गया है। आयोजन को प्रदेशव्यापी पहचान देने के लिए सोशल मीडिया और जमीनी प्रचार की योजना बनाई गई है।

12. प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी

गोंगपा नेतृत्व ने यह स्पष्ट किया कि वे कार्यकर्ता जो संगठन के आंदोलनिक और वैचारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें ज़िम्मेदारी दी जाएगी। इससे नेतृत्व की गुणवत्ता में सुधार होगा।

13. रिपोर्टिंग और अनुशासन प्रणाली

अब प्रत्येक जिला प्रभारी, अध्यक्ष एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी को मासिक कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली से संगठन में अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना सुदृढ़ होगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा,

“गोंगपा अब सिर्फ एक संगठन नहीं, एक विचारधारा है। यह आदिवासी अस्मिता, अधिकार और आत्मनिर्भरता का आंदोलन है। हम गाँव से संसद तक की लड़ाई के लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं।”

महिला मोर्चा की अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा,

> “हमारी महिलाएं अब नेतृत्व के लिए तैयार हैं। हर गाँव में महिला कार्यकर्ता संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

वहीं युवा मोर्चा संयोजक ने कहा,

> “युवाओं को केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहना है, उन्हें गाँव, खेत, और पंचायत तक जाना होगा।”

अंत में पारित प्रस्ताव

संगठन को आर्थिक, राजनीतिक, वैचारिक रूप से सशक्त बनाने हेतु 15 प्रस्ताव पारित किए गए।

प्रस्तावों को लागू करने के लिए अलग-अलग समितियाँ और समयसीमा तय की गई।

बैठक अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आगामी 6 महीनों में संगठन का नया चेहरा सामने आएगा।

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