
मारगांव स्कूल की बदहाली: भवन तोड़ा, पर नया बनाना भूले; 2 किमी पैदल चलकर जान जोखिम में डाल रहे मासूम
उपसंपादक मोहम्मद साहिब
जनपथ टुडे डिंडोरी 17 मार्च 2026 :— जिले के समनापुर ब्लॉक के ग्राम मारगांव में सरकारी स्कूलों की बदहाली का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ का एकीकृत प्राथमिक शाला भवन शासन के आदेश पर तोड़ (डिस्मेंटल) तो दिया गया, लेकिन नया भवन बनाने की सुध लेना प्रशासन भूल गया है। आलम यह है कि स्कूल अब पूरी तरह ‘बेघर’ हो चुका है और बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है।
मजबूरी का नाम ‘पोषक ग्राम’ छोटे कमरों में सिमटा बच्चों का भविष्य
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल को फिलहाल पास के गांव पौड़ी के एक सरकारी भवन के छोटे-छोटे कमरों में चलाया जा रहा है। अब दिक्कत यह है कि स्कूल में 100 से ज्यादा बच्चे हैं और कमरे इतने छोटे हैं कि वहां पैर रखने तक की जगह नहीं है। बच्चों के बैठने का कोई सही इंतजाम नहीं है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
हादसे का डर: समनापुर-बिछिया रोड पर जान जोखिम में
सबसे ज्यादा टेंशन की बात यह है कि इन छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए हर दिन समनापुर-बिछिया वाला मेन रोड पार करना पड़ता है। करीब 1.5 से 2 किलोमीटर का यह रास्ता काफी व्यस्त रहता है और यहाँ हर वक्त गाड़ियों की आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में माता-पिता को हमेशा किसी अनहोनी या एक्सीडेंट का डर सताता रहता है।
चुनाव से पहले हुआ था भूमि पूजन, अब तक नहीं लगी एक ईंट
लोगों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले नए स्कूल भवन का भूमि पूजन तो बड़े जोर-शोर से कर दिया गया था, पर काम आज तक शुरू नहीं हुआ। यह प्रशासन की सुस्ती को साफ दिखाता है। ग्रामीणों ने अब कलेक्टर के नाम आवेदन देकर मांग की है कि जल्द से जल्द नए स्कूल का काम शुरू कराया जाए।
प्रशासन से अपील, शीघ्र करे भवन की व्यवस्था
सरपंच अमरीश सैयाम, रामपाल, नारद ठाकुर ,अजय ठाकुर , दिनेश गौतम, शिवनंदन पाराशर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि अगर बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ग्रामीणों की बस एक ही मांग है—बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई के लिए जल्द से जल्द नया भवन खड़ा किया जाए।


