बंदियों के अधिकारों के संबंध में जिला जेल डिण्डौरी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन।

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मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशन एवं मान्नीया सुश्री नीना आशापुरे, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी के मार्गदर्शन में दिनांक 20.03.2024 को जिला जेल डिण्डौरी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

 

शिविर में व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड/प्रिसिंपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय

 

बोर्ड श्रीमति रिजवाना कौसर ने जेल के महिला बैरेक का निरीक्षण किया साथ ही उन्होने “महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, महिला हिंसा, महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण, आर्थिक विकास, कौशल्य उन्नयन, की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होने पैरोल, प्री-बारगेनिंग, रिमिशन एवं जेल बंदियों के अधिकार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला जेल डिण्डौरी का निरीक्षण करने के पश्चात् प्रिसिंपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड श्रीमति रिजवाना कौसर ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। जिसके लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाता है। यदि जेल में निरूद्ध किसी बंदी के पास अधिवक्ता नही है तो वह जरिये जेल अधीक्षक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सकता है। जिस पर उन्हे निःशुल्क अधिवक्ता नामित कर दिया जाएगा। जेल में निरूद्ध बंदियों को किसी भी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में सम्पर्क कर अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते है।

 

आयोजित जागरूकता शिविर में प्रथम जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान ने बंदियो को संबोधित करते हुए व्यक्त किया कि जेल में परिरूद्ध बंदियों कों संवैधानिक अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह प्राप्त करने का अधिकार, सम्पर्क अथवा मुलाकात का अधिकार, पढ़ने-लिखने एवं अभिव्यक्ति का अधिकार, व्यक्तिगत सुनवाई का अधिकार, उपचार का अधिकार है। कोई भी अभियुक्त जो जेल में परिरूद्ध है जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक है वह स्वैच्छिक प्ली-बारगेंनिग करने हेतु अपराध एवं मामले संक्षिप्त विवरण सहित आवेदन-पत्र विचारण न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। साथ ही बंदियों को दिये जाने वाले भोजन की जांच कर स्वच्छ एवं स्वादिष्ट भोजन बनाने के निर्देश दिये गये।

शिविर में उपस्थित लगभग 156 बंदियों द्वारा जागरूकता संबंधी बातों को ध्यानपूर्वक सुना गया। जागरूकता शिविर जेल अधीक्षक संतोष गणेशे ने आभार व्यक्त किया। शिविर में उपस्थित ओम प्रकाश लबाना, पी.एल.व्ही. धरम सिंह राजपूत, जेल स्टॉफ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टॉफ उपस्थित रहा।

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