
छांटा पंचायत सचिव पर कब होगी कार्यवाही ??
जनपथ टुडे, डिंडोरी, 13 जनवरी 2021, जनसुनवाई में कल छांटा के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार और शिकायतों पर जांच में उनके दोषी पाए जाने के बाद भी उनको नहीं हटाए जाने को लेकर उसके खिलाफ कार्यवाही जल्द करने की मांग करते हुए तीन दिन में कार्यवाही नहीं होने पर बड़े स्तर पर ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने और सड़क पर जाम लगाने की चेतावनी दी है।
कहां है सचिव का सस्पेंशन ऑर्डर ??
कल जनसुनवाई में सचिव के खिलाफ आवेदन देने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि जिला कलेक्टर ने कहां की सचिव छांटा को हटा दिया गया है। ग्रामीण इस बात को सुनकर बेहद अचरज में है! उनका कहना है फिलहाल सचिव ग्राम पंचायत का कार्य देख रहा है, भुगतान भी कर रहा है और आला अफसर बता रहे है कि उसे हटा दिया गया है तब लोगों को इस बात का आश्चर्य है कि आखिर सचिव का हटाए जाने का आदेश आखिर गया कहा? इस संदर्भ में हमारे प्रतिनिधि ने समनापुर जनपद पंचायत के सीईओ से भी चर्चा की उन्होंने भी सचिव को सस्पेंड किए जाने के आदेश की जानकारी नहीं होने की बात कही है। ग्रामवासियों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर किस तरह की कार्यवाही है ये! सचिव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कैसे भारी पड़ रहा है?
ग्रामवासियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत छांटा जनपद पंचायत समनापुर के सचिव जमुना प्रसाद गवले के द्वारा दुर्गा मंच सीसी रोड भाग-2 के नाम से फर्जी राशि 177000आहरण कर लिया गया। मामले की जानकारी लगते ही ग्रामीणों ने जनपद स्तर में शिकायत की शिकायत की जांच करने स्थल पर जांच की गई जिसमें दुर्गा मंच भाग-2 कार्य नहीं किया गया एवं मटेरियल भी नहीं पहुंचा है इसी तरह दूसरा मामला सामने निकल कर आया जिसमें ग्राम पंचायत में तीन रंग मंच की स्वीकृति थी जिसमें से दो रंगमंच मौके स्थल पर पाये गए, तीसरा मंच बिना निर्माण करे ही राशि 2.5 लाख निकाल ली गई।
जबकि पंचायत सचिव जमुना प्रसाद गवले के कारनामों की जनपद स्तर एवं जिला स्तर से जांच की गई थी जिसमें दोषी पाया गया, फिर भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई सिर्फ आश्वासन बस दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत सचिव को न शासन का डर है ना प्रशासन का डर बेखौफ होकर शासन के पैसे की होली खेली जा रही है और शासन-प्रशासन चुप बैठ कर तमाशा देख रही है।
जनपद पंचायत के अधिकारी और ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार पंचायत में सचिव के पद पर जमुना प्रसाद गवले ही पदस्थ है जबकि प्रशासन उसके सस्पेंड होने की बात कह रहा है।