
मंडला का नाम आदिवासियों की पहचान, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं – गोंगपा

मंडला का नाम आदिवासियों की पहचान, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं – गोंगपा
नाम बदलने की आहट से छिड़ा सियासी संग्राम- गोंगपा ने जताया विरोध
संपादक प्रकाश मिश्रा 8963976785
जनपथ टुडे डिण्डौरी 07 जनवरी 2025 – मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके के एक बयान ने मंडला में राजनैतिक माहौल को गर्म कर दिया है। लगभग एक सप्ताह पहले एक कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में मंत्री सम्पतिया उईके ने कहा कि महिष्मति नगरी बनाने के लिए प्रभारी मंत्री मौजूद हैं। प्रदेश सरकार की मंत्री के इस बयान के बाद मंडला के लोगों में इस बात की चर्चा छिड़ गई कि अब मंडला का नाम बदलकर माहिष्मती नगरी हो जाएगा, मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी सहित प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी मंत्री के इस बयान का विरोध किया बल्कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार को खरी खोटी भी सुना दी।
*मंडला आदिवासियों की पहचान गौंगपा का प्रदर्शन*

प्रदेश सरकार के दो मंत्रीयों के वायरल बयान के बाद विपक्षी पार्टियां भी मैदान में कूद गई है। एक ओर गौडवाना गणतंत्र पार्टी ने इसे आदिवासीयों का अपमान बताया वहीं कांग्रेस ने भी इसे आदिवासी इतिहास से जोड़ते हुए नामकरण को गैर जरूरी कदम बताया। मंडला का नाम बदले जाने की सुगबुगाहट के बीच गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के
हजारों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मंडला जिला मुख्यालय में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए मंत्रीयो का पुतला दहन कर दिया। साथ ही चेतावनी भी दी कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आदिवासीयों के इतिहास को बदलने की कोशिश भी न करें वरना परिणाम देखने को तैयार रहें।
गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि भाजपा ने सैकड़ों नगरों, शहरों के नाम बदल दिए उन्हें इतिहास बदलने की आदत हो गई है मगर मंडला में यह नही होने दिया जाएगा ।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर कमलेश तेकाम ने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आदिवासी समाज संस्कृति और सभ्यता की रक्षक है किसी भी कीमत पर आदिवासियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। गोंगपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मंडला गोंडवाना साम्राज्य का गढ़ रहा है इसके नाम के साथ छेड़छाड़ करना बेहद निंदनीय है।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से मंत्री के बंगले और बीजेपी कार्यलय में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती रही।
प्रशासन की माने तो यह न केवल भ्रामक खबर है बल्कि ने दोनों मंत्रियों के बयान को ग़लत तरीके से सोसल मीडिया में परोसा जा रहा है प्रशासन ने मंडला का नाम बदलने के लिए किसी भी तरह का प्रस्ताव नहीं रखा है।



