मध्यप्रदेश में मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, केज एक्वाकल्चर व फिश प्रोसेसिंग परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित

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संपादक प्रकाश मिश्रा 

जनपथ टुडे डिंडौरी 11 मई 2026 – मध्यप्रदेश शासन के संचालनालय मत्स्योद्योग द्वारा “मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026” के अंतर्गत प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने एवं निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निवेशकों और उद्यमियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत केज स्थापना एवं संचालन सहित मत्स्य आधारित आधुनिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में मत्स्योद्योग विभाग, जिला पंचायत एवं नगरीय निकायों के चयनित जलाशयों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उद्यमी मॉडल लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केज एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग, ईको टूरिज्म तथा ग्रीन एनर्जी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

नीति के माध्यम से फिश हैचरी, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, फिश प्रोसेसिंग यूनिट एवं मत्स्य विपणन अधोसंरचना के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। पात्र उद्यमियों को बैंक ऋण सुविधा, ब्याज सबवेंशन तथा तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

20 मई 2026 तक कर सकते हैं आवेदन 

विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार इच्छुक निवेशक एवं उद्यमी 20 मई 2026 तक संबंधित जिले के मत्स्योद्योग विभाग कार्यालय में डीपीआर एवं आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

यहां करें लॉगिन –

योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी मत्स्योद्योग विभाग मध्यप्रदेश (https://www.mpfisheries.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर उपलब्ध है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह नीति प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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