
एनडीपीएस के आरोपी को मिली जमानत-अधिवक्ता गिरीश ने की थी पैरवी
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 30 मार्च 2026 :- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने एक मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपी को बिना गुण-दोष पर टिप्पणी करते हुए जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। डिंडोरी जिले की शहपुरा पुलिस ने भानुप्रताप झारिया को कोडेन फॉस्फेट की बारह बोतलों के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
माननीय उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के विद्वान अधिवक्ता गिरीश रॉव के यह तर्क दिया गया कि आवेदक/आरोपी एक निरक्षर व्यक्ति है जो रसोईया का काम करता है। वह सह आरोपी दीपू साहू के कहने पर दवा समझकर बोतलें लेने गया था उसे कतई जानकारी नहीं थी कि ये गैरकानूनी है। अधिवक्ता गिरीश रॉव ने अपने मुवक्किल का पक्ष रखते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी काफी समय से जेल में निरुद्ध है तथा पूर्व में भी कभी भी किसी आरोप के लिए आरोपित नहीं किया गया है साथ ही गरीब परिस्थिति का व्यक्ति हैं लंबे समय से जेल में बंद होने से परिवार को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। माननीय न्यायालय ने गिरीश रॉव ने तर्कों से सहमत होते हुए जमानतआवेदन क्रमांक एमसीआरसी 10909/2026 को स्वीकार किया और पचास हजार रुपए के बॉण्ड पर रिहा करने का आदेश जारी किया।


