
जिला प्रशासन के सहयोग से होगा जिले की 23 नल-जल योजनाओं का जीर्णाेद्धार – पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 90.39 लाख रुपये हस्तांतरित

संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी : 16 मई, 2026- जिला प्रशासन डिंडोरी के सहयोग से जिले की 23 ग्रामीण नल-जल योजनाओं का जीर्णाेद्धार किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 90 लाख 39 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित कर महत्वपूर्ण पहल की है।
जिले के विभिन्न ग्रामों में नल-जल योजनाएं लंबे समय से बंद होने अथवा मरम्मत के अभाव में प्रभावित थीं। इस कारण ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा आवेदन, जनसुनवाई तथा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार पेयजल समस्या की शिकायतें की जा रही थीं। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार की।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी के निर्देशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित बंद पड़ी योजनाओं की मरम्मत एवं आवश्यक अवयवों की पूर्ति कर उन्हें पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद संबंधित जनपद पंचायतों से विचार-विमर्श कर योजनाओं का चयन किया गया तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तकनीकी अमले द्वारा स्थल निरीक्षण कर तकनीकी प्रतिवेदन तैयार किया गया। तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद 23 ग्रामीण नल-जल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन सुनिश्चित करने हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
इन योजनाओं में विकासखंड समनापुर के झांकी, मोहदा एवं माड़ागौर रैयत, करंजिया के लखनपुर एवं करौंदी, बजाग के परस्वाह रैयत, शहपुरा के सलैया माल, दल्काखमरिया, ददरगांव, बड़झर माल एवं डोमदादर, डिंडोरी विकासखंड के धनगांव, बातोंधा, गनवाही, दुहनिया एवं डांडविदयपुर, मेहंदवानी के बर्रई रैयत, खमरिया माल, कुसेरा एवं कनेरी माल तथा अमरपुर के सक्का एवं जैतपुरी ग्राम शामिल हैं।
इन सभी कार्यों को 45 दिवस के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीणों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


