
युवा शक्ति टीम ने बचाई खुले सैप्टिक टैंक में डूब रही गौवंश की जान , खाली भूखंडों की गंदगी से रहवासी परेशान
युवा शक्ति टीम ने बचाई खुले सैप्टिक टैंक में डूब रही गौवंश की जान , खाली भूखंडों की गंदगी से रहवासी परेशान
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 23 मई 2026 – डिंडोरी में युवा शक्ति टीम की सक्रियता ने एक बार फिर एक गाय की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। बता दें कि डिंडोरी में गौ रक्षक और युवा शक्ति टीम के बेहद ही लगन शील युवा लगातार गौवंश के संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं ।जहां कहीं से भी गोवंश के बीमार होने या खतरे में होने की जानकारी युवा शक्ति टीम को लगती है वह तुरंत मौके पर पहुंचते हैं और हर संभव प्रयास उसे बचाने के लिए करते हैं ।
आज एक ऐसा ही मामला नर्मदा पुल पर हंसनगर में सामने आया जहां एक खुले सैप्टिक टैंक में एक गाय गिर गई जिसकी सूचना युवा शक्ति टीम को दी गई और युवा शक्ति टीम के मेंबर मौके पर पहुँचे और स्थानीय लोगों की मदद से गाय को बाहर निकलने में सफलता प्राप्त की।
वर्षों से खुला पड़ा है सेफ्टिक टैंक
हंस नगर के रहवासी इलाके के बीचों-बीच मुख्य मार्ग पर यह सेप्टिक टैंक वर्षों से खुला पड़ा है मकान मालिक की गैर जिम्मेदारी की वजह से इसमें पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है बावजूद इसके ना तो सेप्टिक टैंक को बंद कराया गया और ना ही उसकी सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाए गए। हालांकि हंसनगर क्षेत्र में ऐसे कई खाली भूखंड पड़े हैं जिनमे अनचाहे जीव जंतुओं का डेरा बना रहता है जिससे आसपास के लोगों को जान का खतरा है बल्कि वहां जमा होने वाली गंदगी से रहवासी क्षेत्र में प्रदूषण का खतरा भी लगातार बढ़ता जाता है।
बरसात के दिनों में इनमें पानी भर जाता है जिसके कारण विषैले जीव जंतुओं से आसपास के लोगों को जान का खतरा बना रहता है। कई बार खाली भूखंड मालिकों को इस बाबत सूचना भी दी गई किंतु उन भूखंडों की सुरक्षा या चारदीवारी के कोई इंतजाम नहीं किए गए जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भूखंड मालिक करें सुरक्षा के इंतजाम
खुला सेप्टिक टैंक और खाली भूखंड पूरी तरह पानी एवं कचरे से भरा हुए है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। संबंधित जिम्मेदारों से अपेक्षा है कि उक्त सेप्टिक टैंक को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से बंद कराया जाए एवं खाली भूखंडों में चारदीवारी बनवाई जाए ताकि मूक जानवरों के साथ-साथ आसपास के रहवासियों को जीवन के खतरे और प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।

