
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला गरमाया- सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता शिथिल करने की मांग

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला गरमाया- सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता शिथिल करने की मांग
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी 10 अगस्त 2026 – मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला डिंडौरी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम तहसीलदार डिंडौरी को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी (कंप्यूटर दक्षता प्रमाण-पत्र परीक्षा) की अनिवार्यता को शिथिल करने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह चंदेल द्वारा 10 अगस्त 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में भृत्य, चौकीदार, कार्यालय परिचारक सहित अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए सहायक ग्रेड-3 का पद एक प्रमुख अवसर है, लेकिन सीपीसीटी की अनिवार्यता के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 10 वर्षों से पदोन्नति नहीं होने के कारण अधिकांश कर्मचारियों की आयु 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है। ऐसे कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर शिक्षा के अभाव में सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करना कठिन हो रहा है। संघ का कहना है कि कई योग्य एवं वरिष्ठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी केवल सीपीसीटी की अनिवार्यता के कारण पदोन्नति से वंचित हैं।
2003 के पदोन्नति नियम का दिया हवाला
संघ ने अपने ज्ञापन में पदोन्नति नियम 2003 का हवाला देते हुए कहा है कि पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के कुल स्वीकृत पदों के 25 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति दिए जाने का प्रावधान है और इसका कोटा भी निर्धारित है।
संघ ने मांग की है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देने के लिए सीपीसीटी में स्थायी शिथिलता प्रदान की जाए, ताकि वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके।
वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग
ज्ञापन में यह भी सुझाव दिया गया है कि यदि शासन सीपीसीटी की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त नहीं करता है तो पदोन्नति के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्था से कंप्यूटर दक्षता प्रमाण-पत्र अथवा विभागीय कंप्यूटर प्रशिक्षण को मान्य किया जाए। संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग से इस संबंध में उचित निर्णय लेते हुए शासन स्तर से आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
संघ ने कहा है कि सीपीसीटी की अनिवार्यता के चलते चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला लंबे समय से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में शासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा।


