
वित्तीय अनियमितताओं पर पशु चिकित्सा सेवाओं के 4 उपसंचालकों को कारण बताओ नोटिस
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी, 18 सितंबर 2026- कार्यालय उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं डिंडौरी में वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 के दौरान विभिन्न योजनाओं एवं मदों में प्राप्त राशि तथा आवंटन के विरुद्ध किए गए व्यय की जांच के लिए गठित जांच दल द्वारा 9 सितंबर 2026 को विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच प्रतिवेदन में वित्तीय नियमों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन में विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने का उल्लेख किया गया है। प्रतिवेदन के आधार पर डॉ. अभिनव शुक्ला, डॉ. एचपी शुक्ला, डॉ. अनूकूल पाठक एवं डॉ. मकबूल मंसूरी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
जांच में जिला पशु कल्याण समिति के बैंक खाते से राशि आहरण में सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं होना, चेक पंजी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाना, एफएमडी/एनएडीसीपी टीकाकरण की राशि के भुगतान संबंधी अभिलेखों में कमी तथा भुगतान सूची एवं बैंक लेनदेन में विसंगतियां पाए जाने का उल्लेख है। मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) की राशि के व्यय में पृथक बैंक खाते एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाना, कर्मचारियों को निर्धारित सीमा से अधिक नगद राशि दिए जाने तथा पंजीयन शुल्क के उपयोग से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी जांच प्रतिवेदन में सामने आई है। कैशबुक के संधारण में बैंक शेष एवं कैशबुक में दर्ज राशि में अंतर तथा बैंक द्वारा विभिन्न चेकों से काटी गई राशि की प्रविष्टियां दर्ज नहीं होने जैसी विसंगतियां भी दर्ज की गई हैं।
जांच प्रतिवेदन में मार्च 2026 में विभिन्न वेंडरों को समान राशि के दो से तीन देयकों के भुगतान से प्रथम दृष्टया दोहरे भुगतान की संभावना, एमवीयू के देयकों में कार्य के सत्यापन एवं प्रमाणीकरण का अभाव तथा 27 मई 2025 से 18 मार्च 2026 के मध्य आकाश टायर्स से 15 बार टायर क्रय किए जाने की स्थिति का स्पष्ट अभिलेखीय आधार उपलब्ध नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों से म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के संबंध में प्रथम दृष्टया उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों को नोटिस प्राप्ति के सात दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
