
बोंदर – बजाग मार्ग पर सालो से पूरा नहीं हो पाया पुल निर्माण
बोंदर – बजाग पहुंच मार्ग पर वर्षों से अधूरा पुल
बरसात में अवरुद्ध हो जाने से लोगो को ग्यारह किमी का फेरा लगाना पड़ता है।
जनपथ टुडे, डिंडोरी, 15 जून 2020, बोंदर से बजाग पहुंच मार्ग पर कई वर्षों से बरसात में आवाजाही प्रभावित हो जाने से लोग हलका होते आ रहे हैं। किंतु संबंधित विभाग की अनदेखी और ठेकेदार द्वारा समय पर कार्य नहीं किए जाने से फिर बरसात आने को है और पुल का कार्य पूर्ण होना तो दूर की बात है अब तक कार्य प्रारंभिक स्थिति में है। जबकि सड़क निर्माण का कार्य साल भर पहले लगभग पूर्ण हो चुका है। डिंडोरी से बजग जाने आने के लिए अधिकांशतः इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है क्योंकि डिंडोरी से बजग के लिए सबसे कम दूरी का यही रास्ता है। मार्ग पूर्ण रूप से बन जाने के बाद 2 वर्षों से पुलिया निर्माण का कार्य न होने से बरसात में आवाजाही संभव नहीं हो पा रही है। ठेकेदार द्वारा 2 वर्षों में अभी तक केवल बेस लेबिल तक काम किया जा सका है और अब भी पुलिया से मिट्टी की खुदाई और सफाई कर बाजू में जमा की है जो बरसात में पानी से मार्ग को पूरी तरह बंद कर देगी। पुलिया निर्माण स्थल पर निकाली जा रही मैं मिट्टी और डायवर्सन पानी में डूबने से लोग यहां से दो पहिया वाहन भी नहीं निकाल पाते।
करोड़ों रुपए खर्च के बाद भी लोगों को 11 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है
गौरतलब है कि शासन ने इस मार्ग की उपयोगिता को समझते हुए ही करोड़ों रुपए खर्च कर बोंदर से बाजार को जोड़ने के लिए मार्ग निर्माण करवाया है, जिससे कि यातायात की सुगमता हो सके किंतु निर्माण एजेंसी की लापरवाही और ठेकेदार के समय पर कार्य नहीं करने के कारण लगभग 2 वर्षों से काम अधूरा पड़ा है। बोंदर वासियों को ही 2 किलोमीटर की दूरी पर बोंदर तिराहे तक पहुंचने के लिए कोसमदिह सागर टोला होते हुए र लगभग 11 किलोमीटर का चक्कर लगानापड़ता है। सड़क निर्माण कराने वाली एजेंसी और ठेकेदार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। बोंदर स्थित राग राइस मिल के संचालक अविनाश गौतम ने बताया कि बरसात शुरू होने के साथ ही हमारे सभी वाहनों को सागर टोला हो कर ग्यारह किमी की अधिक दूरी का फेरा लगाना पड़ता है।
जिला प्रशासन को संबंधित विभाग की निस्करियता के विरूद्ध जनहित में कठोर कार्यवाही की जाना आवश्यक है।