
सरकारी रिकॉर्ड से ‘गायब’ गरीब महिला का नाम, राशन पात्रता पर्ची से नाम कटने पर कलेक्टर से लगाई गुहार
उपसंपादक मोहम्मद साहिब
जनपथ टुडे डिंडोरी 5 मई 2026- मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में एक गरीब और बेसहारा महिला को सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही का शिकार होना पड़ा है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर जीवित और गाँव में ही रह रही महिला का नाम राशन पात्रता पर्ची से काट दिया गया है, जिसके चलते वह दाने-दाने को मोहताज हो गई हैं।
जीवित होने के बावजूद रिकॉर्ड में बताया ‘अनुपस्थित‘
मामला जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम कंचनपुर का है जहां मानवती बाई के भाई ने कलेक्टर को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह एक परित्यक्ता महिला हैं और मजदूरी कर अपना भरण-पोषण करती हैं। उनके पास वर्ष 2006 से अंत्योदय राशन कार्ड है, लेकिन हाल ही में खाद्य निरीक्षक द्वारा पोर्टल पर उन्हें ‘परिवार में उपलब्ध नहीं’ दर्शाते हुए उनका नाम पात्रता पर्ची से निरस्त कर दिया गया है।पीड़ित महिला का कहना है कि वह स्थायी रूप से गाँव में ही निवास कर रही हैं, इसके बावजूद बिना किसी ठोस सत्यापन के उनका नाम सूची से हटा देना समझ से परे है।
सेल्समैन ने राशन देने से किया इनकार
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि जब वह नवंबर माह का राशन लेने उचित मूल्य की दुकान पहुँची, तो सेल्समैन ने यह कहते हुए उन्हें राशन देने से मना कर दिया कि पोर्टल पर उनका नाम काट दिया गया है। सेल्समैन ने खाद्य निरीक्षक के आदेश का हवाला देते हुए फिंगर प्रिंट मशीन पर उनका अंगूठा लगवाने से भी इनकार कर दिया।



