
मेकलसुता महाविद्यालय में अखंड भारत संकल्प दिवस पर कार्यक्रम आयोजित- विभाजन की त्रासदी को याद कर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का लिया संकल्प

मेकलसुता महाविद्यालय में अखंड भारत संकल्प दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी 14 अगस्त 2026 – को मेकलसुता महाविद्यालय, डिंडौरी में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, डिंडौरी के संयुक्त तत्वावधान में अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बिहारी लाल द्विवेदी रहे। अध्यक्षता उपप्राचार्य डॉ. बालस्वरूप द्विवेदी ने की, जबकि अतिथि के रूप में डॉ. सुभाष ठाकुर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता डॉ. बिहारी लाल द्विवेदी ने कहा कि भारत का इतिहास केवल सीमाओं और भूगोल की कहानी नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति, परंपरा और जीवन शैली का प्रतीक है। 14 अगस्त 1947 का दिन भारतीय इतिहास में एक संवेदनशील मोड़ रहा, जब देश ने विभाजन की त्रासदी झेली और लाखों परिवार विस्थापन की पीड़ा से गुजरे। उन्होंने कहा कि अखंड भारत की अवधारणा केवल राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता और सभ्यतागत चेतना से जुड़ी है। भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं ने विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। उन्होंने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. बालस्वरूप द्विवेदी ने कहा कि अखंड भारत संकल्प दिवस का उद्देश्य केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और राष्ट्र की एकता के प्रति नागरिकों में दायित्वबोध विकसित करने पर जोर दिया।
अतिथि डॉ. सुभाष ठाकुर ने कहा कि आधुनिक वैश्विक परिदृश्य में अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है। राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय भावना से निर्मित एक जीवंत इकाई है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक एकता और मजबूत सामाजिक ताने-बाने के माध्यम से भारत को विश्व पटल पर सशक्त एवं स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. राम सिंह यादव ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


