शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों की मतदान के लिए ये थी रणनीति

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शाहीन बाग दिल्ली चुनाव कनेक्शन

नई दिल्ली, जनपथ टुडे,56 दिनों से सीएए, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में बैठे शाहीन बाग ने दिल्ली के दंगल में जमकर मतदान किया। मतदान के लिए एक दिन पहले ही रणनीति बना ली गई थी। प्रदर्शनकारियों ने तय किया था कि वे पालियों में मतदान करेंगे। प्रदर्शनस्थल को खाली नहीं छोड़ेंगे। ओखला विधानसभा के अंतर्गत आने वाले शाहीन बाग, जामिया नगर, बाटला हाउस, ओखला आदि क्षेत्रों के पोलिंग स्टेशनों पर सुबह से ही मतदाता भारी संख्या मौजूद थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक 2015 विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार पोलिंग स्टेशनों पर भीड़ अधिक दिखी।

सुबह पुरुष अधिक

सुबह पोलिंग स्टेशनों पर महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की संख्या अधिक दिखी। इसके बाद दोपहर होते-होते महिलाएं बढ़ने लगीं। शाहीन बाग पब्लिक स्कूल, शाहीन बाग ठोकर नंबर 8, ओखला स्कूल पर सुबह मतदाताओं की पांच सौ मीटर लंबी लाइनें थीं। लोग पोलिंग स्टेशन के बाहर काफी दूर तक खड़े थे। शाहीन बाग ठोकर नंबर 8 पोलिंग स्टेशन पर बड़ी संख्या में एसएसबी व उत्तराखंड पुलिस के कर्मी तैनात थे।

सुबह पांच बजे से हलचल रही

शाहीन बाग, जामिया नगर, बाटला हाउस व ओखला समेत ओखला विधानसभा के अन्य पोलिंग स्टेशन पर सुबह पांच बजे से चहलकदमी शुरू हो गई थी। यहां सुबह की ड्यूटी वाले सुरक्षाकर्मी पहुंचने शुरू हो गए थे। फिर मतदान कर्मी पहुंचने शुरू हुए। पीठासीन अधिकारी ने सुरक्षाकर्मी, मतदान कर्मी व बूथ एजेंट के सामने ईवीएम मशीन शुरू की।

आठ बजे मिला प्रवेश

सुबह सात बजे शाहीन बाग ठोकर नंबर आठ व शाहीन बाग पब्लिक स्कूल पर लोग वोट डालने के लिए पहुंचने लगे थे। लोगों को वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आठ बजे बाद ही प्रवेश दिया। जब लोगों की संख्या ज्यादा होने लगी थी। पोलिंग स्टेशन के बाहर लकड़ी से बनवाए बैरिकेड में लोगों की लाइन बनवा दी गई।

दोपहर में कम हुई भीड़

दोपहर करीब एक बजे से ढाई बजे के करीब जामिया नगर व शाहीन बाग के पोलिंग स्टेशनों पर लोगों की भीड़ कम दिखी। लेकिन चार बजे बाद फिर यहां लोगों की संख्या बढ़ी और मतदान खत्म होने तक यह सिलसिला जारी रहा।

मतदान-प्रदर्शन दोनों चलते रहे

शनिवार सुबह 11 बजे शाहीन बाग प्रदर्शनस्थल पर महिलाओं की संख्या काफी कम थी। प्रदर्शनकारी मतदान करने गए थे। मंच के सामने काफी कम संख्या में महिलाएं बैठी मिलीं। लोग वहां सफाई कर रहे थे। बड़ी संख्या में पंजाब से आए लोग मौजूद थे। उनके लिए खाना तैयार किया जा रहा था। दोपहर बाद मतदान करने के बाद लोग प्रदर्शनस्थल पर लौटने लगे थे। मतदान व प्रदर्शन लोगों ने दोनों में हिस्सा लिया।

दबंग दादियों ने वोट डाला

प्रदर्शनस्थल पर लगातार 56 दिन से बैठीं और दबंग दादियों के रूप में मशहूर हुई सरबरी, अकबरी, बिलकिस व अन्य बुजुर्ग दादियों ने शनिवार सुबह पहले मतदान किया। फिर दोपहर में प्रदर्शनस्थल पर पहुंची। पूछने पर उन्होंने कहा कि वह देश में विकास, अमन व युवाओं के लिए रोजगार चाहती हैं।

ओखला विधानसभा में 58.83 प्रतिशत मतदान

विधानसभा चुनावों में शाहीन बाग व जामिया नगर क्षेत्र जिस ओखला विधानसभा सीट के अंतर्गत आती हैं 2020 विधानसभा चुनावों में यहां का कुल मत प्रतिशत 58.83 रहा है। जबकि 2015 विधानसभा चुनाव में यह 60.9 प्रतिशत रहा था।

इस बार मतदाता बढ़े

ओखला में 2020 विधानसभा में कुल मतदाता 3,35, 077 हैं। जिसमें पुरुष मतदाता की संख्या 199521 और महिला मतदाताओं की संख्या 135525 हैं। 31 अन्य वर्ग के मतदाता हैं।

2 प्रतिशत नोटा था

ओखला विधानसभा पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। 2015 में यहां कुल 2,73,464 पंजीकृत मतदाता थे। उनमें से 1,66,341 पुरुष मतदाता और 1,07,098 महिला मतदाता थीं और 0.2 प्रतिशत मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था

यह है इतिहास

2015 में आम आदमी पार्टी (आप) के अमानतुल्ला खान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ब्रह्मा सिंह को 64,532 मतों से हराया था। अमानतुल्ला खान को 104,271 वोट मिले थे जबकि भाजपा के ब्रह्मा सिंह को 39,739 वोट मिले थे। कांग्रेस के आसिफ मोहम्मद खान 20,135 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। अमानतुल्ला खान को कुल 62.6 फीसद, ब्रह्मा सिंह को 23.8 और आसिफ को 12.1 प्रतिशत वोट मिले थे। ओखला विधानसभा सीट से नौ उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव लड़ा था।

‘आप’ को मुस्लिम समुदाय का जबरदस्त समर्थन

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को संपन्न हुए मतदान में दिल्लीवासियों ने आम आदमी पार्टी (आप) को जबरदस्त तरीके से समर्थन दिया। सभी जाति, उम्र व आय वर्ग के मतदाताओं ने ‘आप’ के पक्ष में मतदान किया, लेकिन मुस्लिम समुदाय का वोटिंग पैटर्न जोरदार रहा। आईएएनएस-सीवोटर एग्जिट पोल के नतीजों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के 60 फीसदी मतदाताओं ने ‘आप’ के पक्ष में मतदान किया जोकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को समुदाय के मिले वोटों का तकरीबन दोगुना है।

सर्वे में दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से 11,839 मतदाताओं को शामिल किया गया। उनसे पूछे गए सवालों के आधार पर तैयार सर्वे के नतीजों के अनुसार, दिल्ली में 60 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं ने ‘आप’ के पक्ष में मतदान किया जबकि समुदाय के 18.9 फीसदी मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में और 14.5 फीसदी कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान संपन्न हुआ। चुनाव के परिणाम मंगलवार को आएंगे।

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