
लोक अदालत की पहल: डिंडोरी फैमिली कोर्ट में टूटे रिश्ते फिर जुड़े, साथ विदा हुए तीन जोड़े
उपसंपादक मोहम्मद साहिब
जनपथ टुडे डिंडोरी डिंडोरी 9 मई 2026 — आपसी मनमुटाव और कानूनी पेचीदगियों के बीच फंसे परिवारों के लिए आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। जिला न्यायालय डिंडोरी में आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रधान न्यायाधीश एम.एल. राठौर की समझाइश और सार्थक प्रयासों से तीन परिवारों के बीच चल रहे वर्षों पुराने विवादों का सुखद पटाक्षेप हुआ।
न्यायालय के माहौल में आज उस समय भावुक कर देने वाले दृश्य देखे गए जब सालों से अलग रह रहे पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माला पहनाई और साथ रहने का संकल्प लिया।

इन परिवारों में लौटी खुशियां तीन परिवारों ने आपसी सहमति से पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।
सीताराम सारस और तारा सारस: ग्राम देवरी (चौकी अमरपुर) निवासी सीताराम और उनकी पत्नी तारा के बीच पिछले कुछ वर्षों से अनबन चल रही थी। लोक अदालत में न्यायाधीश की काउंसलिंग के बाद दोनों ने पुरानी बातों को भुलाकर अपने बच्चों के साथ घर जाने का फैसला किया।
प्रियंका और कमला सिंह: ग्राम सुब्खार (औरई) के इस जोड़े ने भी आपसी विवाद को खत्म करते हुए पुनः वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की।
देवती और विनोद: ग्राम माडा गौर (थाना समनापुर) निवासी देवती और उनके पति विनोद के बीच चल रहा कानूनी विवाद आज समाप्त हो गया और दोनों खुशी-खुशी एक साथ रवाना हुए।
प्रधान न्यायाधीश की समझाइश का असर
इस पूरी प्रक्रिया में प्रधान न्यायाधीश एम.एल. राठौर की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने दोनों पक्षों को परिवार के महत्व और बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए सुलह के लिए प्रेरित किया।
आपने कहा –
लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य केवल कानूनी निपटारा करना नहीं, बल्कि टूटते हुए परिवारों को बचाना और समाज में समरसता लाना है।
एम एल राठौर
प्रधान न्यायाधीश
डिंडोरी

