
महिला ने भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित 8 लोगों पर लगाया प्रताड़ना और झूठे आरोप लगाने का आरोप, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग- मंडल अध्यक्ष भजन दास ने बताया आरोपो को निराधार
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी 6 अगस्त 2026- शहपुरा निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक डिंडौरी को शिकायत देकर भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित आठ लोगों पर चरित्रहनन, सामाजिक बहिष्कार, छलपूर्वक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराने, मानसिक प्रताड़ना तथा पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ललिता चक्रवर्ती, निवासी वार्ड क्रमांक 13, शहपुरा ने आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा उनके और उनके परिवार के विरुद्ध झूठे एवं निराधार चरित्र संबंधी आरोप लगाकर सामाजिक रूप से अपमानित किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी थाना शहपुरा, कलेक्टर कार्यालय तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 4 अगस्त 2026 को आयोजित एक सामाजिक पंचायत में उन्हें धोखे से एक तैयार शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि पंचायत के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया तथा समाज से बाहर रखने की बात कही गई।
महिला ने अपने आवेदन में भाजपा मंडल अध्यक्ष भजन चक्रवर्ती, एक अधिवक्ता-नोटरी सहित अन्य लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए उन पर साजिश, मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों पर भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत वापस कराने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में निष्पक्ष जांच कर एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मंडल अध्यक्ष भजन दास चक्रवर्ती ने बताया महिला के आरोपी को निराधार
महिला के द्वारा की गई शिकायत के संबंध भजन दास चक्रवर्ती ने कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं है जो आरोप महिला के द्वारा लगाए गए हैं वह निराधार हैं। समाज से अलग किए जाने की बात सही नहीं है।मैं समाज की बैठक में मौजूद भी नहीं था समाज में क्या निर्णय किया है इसकी जानकारी भी मुझे नहीं है।
आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।




