
डिंडोरी में ‘जय जोहार’ के अपमान पर सर्व आदिवासी समाज का आक्रोश, मुख्य मार्ग किया जाम- तहसीलदार की समझाइस के बाद समाप्त किया धरना प्रदर्शन भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी की कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन, निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की उठाई मांग

डिंडोरी में ‘जय जोहार’ के अपमान पर सर्व आदिवासी समाज का आक्रोश, मुख्य मार्ग किया जाम- तहसीलदार की समझाइस के बाद समाप्त किया धरना प्रदर्शन
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी 14 अक्टूबर 2026- भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी द्वारा आदिवासी समाज के अभिवादन ‘जय जोहार’ को लेकर कथित रूप से की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में बुधवार को डिंडोरी जिला मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज ने प्रदर्शन किया। आक्रोशित युवाओं ने स्थानीय रानी अवंती बाई चौक पर धरना देकर मुख्य मार्ग पर जाम लगाया और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके निलंबन तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
‘जय जोहार’ पर टिप्पणी से आदिवासी समाज में नाराजगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल में आदिवासी समाज के युवा एवं छात्र-छात्राएं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान मिसरोद थाना प्रभारी द्वारा प्रदर्शनकारी युवाओं के ‘जय जोहार’ के नारे को लेकर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया। इस घटना को लेकर आदिवासी समाज में नाराजगी व्याप्त है।

इसी के विरोध में बुधवार, 14 अक्टूबर को डिंडोरी जिला मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज के युवाओं ने एकत्रित होकर रानी अवंती बाई चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले को आदिवासी समाज के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा बताते हुए संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

निलंबन की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल सर्व आदिवासी समाज के युवाओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समाज के पारंपरिक अभिवादन ‘जय जोहार’ के प्रति इस तरह की कथित टिप्पणी से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो सर्व आदिवासी समाज द्वारा व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
समाज के सम्मान का मुद्दा बना विरोध
डिंडोरी में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि समाज की संस्कृति, परंपरा और सम्मान से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की कथित अभद्र टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।


