वायरल गरबा बैनर के संबंध में महाविद्यालय प्राचार्य ने जताई आपत्ति

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महाविद्यालय के नाम और मुख्य द्वार की तस्वीर के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, आयोजक ने प्राचार्य से माफी मांगने की बात कही

✍️ मोहम्मद साहिबेआलम, उपसंपादक

जनपथ टुडे डिंडोरी 14 अक्टूबर:- पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय चंद्रविजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डिंडौरी के नाम से सोशल मीडिया पर गरबा महोत्सव के आयोजन संबंधी पोस्टर प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। पोस्टर में 15 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि गरबा महोत्सव आयोजित होने की जानकारी दी गई है। साथ ही, महाविद्यालय के नाम का उपयोग करते हुए कार्यक्रम का स्थान महाविद्यालय मैदान में रखा गया था पर अनुमति न मिलने के कारण अब शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान दर्शाया गया है। मामले को लेकर महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संस्था का इस आयोजन से कोई संबंध नहीं है और पोस्टर में दी गई जानकारी भ्रामक है।

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, संस्था की ओर से किसी भी प्रकार के गरबा महोत्सव का आयोजन नहीं किया जा रहा है। महाविद्यालय के मैदान का समतलीकरण नहीं होने के कारण कार्यक्रम का स्थान परिवर्तित किए जाने संबंधी जानकारी को भी प्रशासन ने गलत बताया है। प्रशासन ने महाविद्यालय के नाम और तस्वीर का अनधिकृत उपयोग किए जाने पर आपत्ति जताते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

आयोजक विशाल ओबेरॉय ने कहा—प्राचार्य से मांगी क्षमा

इस मामले में आयोजक विशाल ओबेरॉय से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य से क्षमा मांगी है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम अब जिला डिंडौरी के हाई स्कूल ग्राउंड में किया जाएगा।

विशाल ओबेरॉय के अनुसार, वर्तमान में जिस कार्यक्रम को लेकर पोस्टर प्रसारित किया जा रहा है, उसका आयोजन महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में महाविद्यालय प्रशासन का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं है और न ही संस्था की ओर से कोई सहयोग दिया जा रहा है।

प्रशासन ने आमजन से की अपील

महाविद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं और आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली कार्यक्रम संबंधी सूचनाओं की पुष्टि किए बिना उन पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें। प्रशासन ने कहा है कि महाविद्यालय के नाम एवं मुख्य द्वार की तस्वीर का अनधिकृत उपयोग कर भ्रामक प्रचार करना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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