
आदिवासी छात्रों के अपमान पर बिफरी गोंगपा, राज्यपाल और सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
✍️ मोहम्मद साहिबेआलम, उपसंपादक
जनपथ टुडे डिंडोरी 16 अक्टूबर:- भोपाल / बजाग, मध्य प्रदेश: गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों के विभिन्न शैक्षणिक और छात्रहित से जुड़ी मांगों को लेकर दिनांक 13/10/2026 को एक छात्र अधिकार यात्रा और शांतिपूर्ण पैदल मार्च का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से छात्र-छात्राएं, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
इसी दौरान रोशनपुरा चौराहे पर छात्रों को पुलिस की बस में बैठाते समय मिसरोद थाने के थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार और अन्य पुलिसकर्मियों पर आदिवासी छात्रों द्वारा “जय जोहर” बोलने पर उन्हें जातिसूचक शब्द बोलने, अपमानित करने और गंभीर धमकियां देने का गंभीर आरोप लगा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष बजाग, प्रशांत मरावी ने तहसील कार्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री/गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रशांत मरावी ने वीडियो और ज्ञापन के माध्यम से बताया कि इस घटना से आदिवासी समाज की मानवीय भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है और पूरे समाज में भारी रोष व्याप्त है।
प्रमुख माँगे और चेतावनी:
- एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर: आरोपी थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार एवं वीडियो में दिख रहे अन्य पुलिस अधिकारी पर अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) 1989 की धारा 3(1)(आर), 3(1)एस एवं BNS की धारा 351 (पूर्व में IPC की धारा 506) के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए।
- निलंबन व बर्खास्तगी: केवल लाइन अटैच या सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसे दोषी अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए।
- उग्र आंदोलन की चेतावनी: यदि 24 घंटे के भीतर उचित दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा देश और प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन, घेराव तथा भोपाल में विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन की होगी।


